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ट्रेनी-IPS पर एक करोड़ रिश्वत लेने का आरोप,DGP को नोटिस:CBI स्पेशल कोर्ट में शिकायत, हवाला के माध्यम से ली रकम, ASI-आरक्षक बने मिडियेटर




ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल पर हवाला के माध्यम से एक करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा है। मामले में पीड़ित ने CBI कोर्ट दिल्ली में परिवाद दायर किया है और व्हाट्अप चैट सहित आडियो क्लीप भी CBI कोर्ट को सौंपा है। CBI कोर्ट ने मामले में छत्तीसगढ़ के DGP को भी नोटिस जारी किया है। परिवाद में आरोप है कि ट्रेनी IPS ने साइबर सेल अंबिकापुर में पदस्थ एक ASI व एक आरक्षक के माध्यम से रिश्वत का सौदा किया गया है। यह रकम हवाला के माध्यम से जमा कराई गई है। परिवाद पर सुनवाई की अगली तिथि 11 अगस्त निर्धारित की गई है। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के आकाश कुमार ने CBI में शिकायत दर्ज कराई कि अंबिकापुर CSP राहुल बंसल ने ठगी के एक मामले में दबाव बनाकर एक करोड़ रुपये की रिश्वत ली है। यह रकम हवाला आपरेटरों के जरिये ली गई है। रिश्वत के लिए साइबर सेल में पदस्थ ASI प्रणीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा ने बिचौलियों का काम किया। CBI कोर्ट में परिवाद, जारी हुआ नोटिस मामले में CBI ने शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की तो प्रार्थी आकाश कुमार ने CBI की स्पेशल कोर्ट में धारा 175(3) के तहत परिवाद दाखिल किया। परिवाद में CSP राहुल बंसल (आईपीएस), अंशुल शर्मा आरक्षक और प्रवीण राठौर ASI साइबर सेल के साथ CBI को भी पार्टी बनाया गया है। शिकायकर्ता ने परिवाद में बताया है कि 8 जून 2026 को CBI निदेशक को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 308 एवं 351 के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत के साथ शपथ-पत्र भी संलग्न किया गया है। कोर्ट में व्हाट्सअप चैट एवं काल रिकार्डिंग भी कोर्ट में दी गई है। CBI की स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश सुधांशु कौशिक ने सभी को नोटिस जारी किया। इसमें CBI, IPS राहुल बंसल एवं ASI व एसआई ने अपना जवाब वकील के माध्यम से कोर्ट में पेश कर दिया है। CBI कोर्ट ने मामले में छत्तीसगढ़ के डीजीपी को 17 जुलाई 2026 को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मंगाई है। DGP की ओर से पेश अधिवक्ता ने जवाब पेश करने के लिए एक माह का समय मांगा था। इसे कोर्ट ने खारिज करते हुए 22 जुलाई 2026 को DGP को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। 04 अगस्त 2026 को मामले में कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के DGP को सुनवाई की अगली तारीख तक अपनी रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त निर्धारित की गई है। ठगी के मामले में रिश्वत लेने का आरोप
बताया गया है कि अंबिकापुर में दर्ज एक ठगी के FIR की जांच के दौरान यह रिश्वत की रकम ली गई है। यह FIR अंबिकापुर के सदर रोड निवासी रवि मोहन गोस्वामी के खिलाफ दर्ज की गई थी। जांच में रवि मोहन गोस्वामी का शिकायतकर्ता से लिंक होना पाया गया। इस मामले में एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई।



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