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थांदला तहसील की ग्राम पंचायत कोटडा में शासकीय उचित मूल्य दुकान में रखे गेहूं के अंकुरित होने का मामला सामने आया है। यहां गरीबों के लिए रखा सरकारी राशन नमी और उचित देखरेख के अभाव में खराब हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दुकान में खाद्यान्न का लंबे समय तक सुरक्षित भंडारण नहीं किया गया और न ही समय पर उसकी देखरेख व सफाई की गई। इसी कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई बोरियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे गेहूं जमीन पर बिखर गया है और वह भी अंकुरित हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रखरखाव ऐसा ही रहा तो बड़ी मात्रा में खाद्यान्न बर्बाद हो जाएगा। राशन की समय पर अनुपलब्धता और खराब गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में पहले से ही नाराजगी थी। इस घटना ने उनके गुस्से को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कोटडा की इस दुकान का तत्काल औचक निरीक्षण करने, स्टॉक और गेहूं की गुणवत्ता की जांच करने की मांग की है। उन्होंने लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करेंगे। इस मामले पर जिला खाद्य अधिकारी आनंद कुमार चंगोड़ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उन्हें खाद्यान्न खराब होने की जानकारी मिली है। मौके पर भौतिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि खाद्यान्न इस स्थिति में कैसे पहुंचा। इसके आधार पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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थांदला के कोटडा में सरकारी गेहूं हुआ अंकुरित:शासकीय दुकान में रखा अनाज खराब, ग्रामीणों ने किया था आगाह
