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पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई की चर्चा अक्सर चिंता के साथ होती है, लेकिन केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट इस कहानी का दूसरा पहलू भी दिखाती है। यह पहलू राहत देने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब ने गांजे और कोकीन जैसे तेजी से फैलने वाले नशों पर मजबूत पकड़ बनाई है। यह रिपोर्ट 12 अगस्त 2026 को पीआईबी ने जारी की। इसमें राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़े शामिल हैं। रिपोर्ट में 2022 से 2024 तक के राज्यवार और ड्रग-वार एनडीपीएस जब्ती के आंकड़े दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार सीमा पार से होने वाली तस्करी रोकने के लिए सीसीटीवी, ड्रोन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन सिस्टम, पीटीजेड कैमरे और नाइट विजन डिवाइस लगाए गए हैं। इसके साथ पेट्रोलिंग, नाके और मोबाइल टीमें भी सक्रिय रखी गई हैं। सीमाओं पर बाड़, चौकियां, सड़कें और हेलिपैड जैसी सुविधाएं भी मजबूत की गई हैं। केंद्र और राज्यों के बीच अलग व्यवस्था: ड्रग नेटवर्क तोड़ने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच चार-स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव और जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बैठकें होती हैं। एनसीबी का एनसीओआरडी पोर्टल सूचना साझा करने और समन्वय के लिए इस्तेमाल हो रहा है। पीआईटीएनडीपीएस कानून के तहत 2025 में देशभर में 810 और जून 2026 तक 427 बड़े तस्करों के खिलाफ नजरबंदी की कार्रवाई की गई। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत अब तक देश में 29.05 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इनमें 11.05 करोड़ से ज्यादा युवा और 7.81 करोड़ से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। 1.17 लाख से ज्यादा ‘नशा मुक्ति मित्र’ भी इस अभियान से जुड़े हैं। 2022 में 1,836.068 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया था। 2023 में यह 1,521.999 किलोग्राम रह गया और 2024 में 981.88 किलोग्राम पर आ गया। पंजाब में ड्रग्स ज़ब्ती का श्रेणी-वार तुलनात्मक विवरण (2022 – 2024) मादक पदार्थ की श्रेणी 2022 2023 2024 अफ़ीम आधारित मादक पदार्थ 46,502.577 किग्रा 45,954.313 किग्रा 41,855.523 किग्रा कैनबिस (गांजा/भांग आधारित) 1,836.068 किग्रा 1,521.999 किग्रा 981.88 किग्रा कोकीन 0.168 किग्रा 0.188 किग्रा 0.636 किग्रा साइकोट्रोपिक पदार्थ 30.526 किग्रा 1.022 किग्रा 22.404 किग्रा जागरूकता व लोगों के सहयोग से नशे से बाहर निकल रहा सूबा {किस तरह की कार्रवाई गई? हमने नशे के हॉटस्पॉट पर फोकस्ड अप्रोच के साथ लंबे समय तक काम किया। पिछले डेढ़ साल में अकेले जालंधर रेंज में ही 7 हजार से ज्यादा एफआईआर दर्ज कीं, जिनमें करीब 8 हजार से ज्यादा पैडलर्स को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 90% से ज्यादा आरोपियों को कोर्ट से सजा भी हुई। {नशे के विरूद्ध जागरूकता के अभियान कितना कारगार रहा? युद्ध नशे के विरूद्ध और जागरूकता सेमिनार जैसे आयोजनों के अलावा पीला पंजा अभियान के कारण एक असरदार मैसेज समाज में गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, लोगों को जागरूक किया गया और दोषियों के अवैध संपत्ति को नष्ट किया गया। {जनता ने पुलिस का कैसे साथ दिया, कितनी सफल रही मुहिम? रिहैब सेंटर के जरिए करीब 20 हजार लोगों को नशे के चंगुल से बाहर निकाला जा चुका है। इसके अलावा सेफ हेल्पलाइन से भी काफी मदद मिली। लोगों ने पुलिस को नशे के खिलाफ सूचनाएं दीं, जिससे करीब 3 हजार लोगों पर केस दर्ज हुए। नवीन सिंगला, डीआईजी सीधी बात चंडीगढ़ की तस्वीर पंजाब से अलग… 2024 के एनसीआरबी आंकड़े चंडीगढ़ की अलग तस्वीर दिखाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ में 47.065 किलोग्राम गांजा, 0.126 किलोग्राम कोकीन और 0.229 किलोग्राम साइकोट्रॉपिक पदार्थ पकड़े गए। नशीली गोलियों और कैप्सूल की जब्ती शून्य रही। तुलना करें तो पंजाब में इसी अवधि में 981.88 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया, यानी चंडीगढ़ के मुकाबले करीब 21 गुना ज्यादा। हालांकि कोकीन के मामले में तस्वीर उलटी रही। पंजाब में 2024 में कोकीन की जब्ती शून्य रही, जबकि चंडीगढ़ में थोड़ी मात्रा में बरामदगी दर्ज हुई। ओडिशा-यूपी के मुकाबले पंजाब काफी नीचे: 2024 में ओडिशा में 1,41,683.36 किलोग्राम, उत्तर प्रदेश में 63,832.545 किलोग्राम और आंध्र प्रदेश में 52,129.7 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया। इसके मुकाबले पंजाब का आंकड़ा 981.88 किलोग्राम रहा। यानी जिन राज्यों में गांजा तस्करी का पैमाना बहुत बड़ा दिखा, पंजाब वहां काफी नीचे नजर आया। रिपोर्ट के अनुसार बाहरी गांजा नेटवर्क के मामले में पंजाब की स्थिति अपेक्षाकृत ज्यादा नियंत्रित दिखाई देती है। वहीं, कोकीन के मामले में पंजाब की स्थिति और मजबूत दिखाई देती है। 2022 में राज्य में 0.168 किलोग्राम और 2023 में 0.188 किलोग्राम कोकीन पकड़ी गई थी। लेकिन 2024 में यह आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया। रिपोर्ट में पंजाब के सामने कोकीन की जब्ती शून्य दर्ज है। महानगरों और संपन्न तबकों से जुड़ी इस ड्रग का राज्य में लगभग खत्म हो जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बड़ी चिंता गोली-कैप्सूल वाला नशा: रिपोर्ट का दूसरा हिस्सा चिंता बढ़ाता है। 2023 में देशभर में 1,96,53,370 अवैध नशीली गोलियां, कैप्सूल और इंजेक्शन पकड़े गए। इनमें से 86,19,803 अकेले पंजाब से बरामद हुए। यानी कुल राष्ट्रीय जब्ती का करीब 44% हिस्सा पंजाब से आया। 2022 में यह आंकड़ा 6,24,615 था, जो 2023 में 86 लाख से ऊपर पहुंच गया।
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नशे की किलेबंदी…:गांजे की खपत आधी कोकीन का नेटवर्क करीब-करीब खत्म
