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कैथल के पूंडरी में विधायक की अनुशंसा पर बिजली निगम से हटाए गए जूनियर इंजीनियरों ने काम पर नहीं लौटने की बात कही है। उन्होंने इन आदेशों को ज्यादती करार देते हुए इनके विरोध में संघर्ष का रास्ता अपनाने की ठानी है। हालांकि बिजली निगम से ट्रांसफर किए गए दोनों जेई अब नो वर्क नो पे पर आ गए, लेकिन उनका कहना है कि जब तक उनके ट्रांसफर के आदेश रद्द नहीं किए जाते, वे पीछे नहीं हटेंगे। वे ट्रांसफर किए गए स्थानों पर अपनी ज्वाइनिंग नहीं करेंगे, तब तक उनको वेतन नहीं मिलेगा। 24 सितंबर को तबादला हुआ मामले को लेकर जेई सुनील कुमार, नरेश कुमार व एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के अन्य कर्मचारियों ने कहा कि दोनों जूनियर इंजीनियरों का 24 सितंबर को तबादला कर दिया गया। शुरूआत में उन्हें नए स्थानों पर ज्वाइनिंग तक का समय दिया गया, लेकिन जब उन्होंने तबादले का विरोध किया तो उन्हें नो वर्क नो पे पर कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि अब वे ऑन रोड हो गए हैं। जब तक ड्यूटि ज्वाइन नहीं करेंगे, उनको वेतन नहीं मिलेगा। मामले को लेकर जब बिजली निगम के एक्सईएन गौरव से बातचीत की गई तो उन्होंने दोनों जेई को यहां से रिलीव कर दिया है। अब आगे ज्वाइन करेंगे या नहीं और वेतन देने संबंधित निर्णय मुख्यालय की ओर से लिया जाएगा। ऑर्डर रद्द करने की मांग बता दें कि कैथल जिले के पूंडरी सीट से BJP विधायक सतपाल जांबा की सिफारिश पर बिजली निगम के 2 जूनियर इंजीनियरों (JE) का ट्रांसफर कर दिया गया। दोनों जेई ने इसे रंजिशन में किया गया ट्रांसफर बताते हुए नए स्थान पर जॉइन करने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ा तो बिजली निगम के अन्य कर्मचारी भी इस विवाद में कूद पड़े और धरना शुरू कर दिया। उन्होंने चेतावनी दे डाली कि जब तक दोनों जूनियर इंजीनियरों के ट्रांसफर ऑर्डर रद्द नहीं किए जाएंगे, वे धरना खत्म नहीं करेंगे। दूसरी ओर विधायक भी इस मामले को लेकर सख्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जेई तानाशाही कर रहे हैं। मैं उनके खिलाफ एक्शन लूंगा, सस्पेंड कराऊंगा। इस बारे में उनकी सीएम से बातचीत हुई है। प्रदेश में बिजली महकमा अनिल विज के पास है।
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नो वर्क-नो पे पर आए कैथल के दो जेई:पूंडरी भाजपा विधायक की अनुशंसा पर तबादला, ऑर्डर रद्द करने की मांग
