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भारतीय कैप्टन पर हमला करने वाला को-पायलट सीरिया में रहा:कट्टरपंथी विचारों के चलते ओमान में ट्रेनिंग से हटाया था; 8 महीने पहले फ्लाईदुबई जॉइन किया




दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल्हमामी के तौर पर हुई है। वह ओमान का रहने वाला है। अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आरोपी लंबे समय तक सीरिया में रहा था। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अल्हमामी कट्टरपंथी विचारों का था। उसकी सोच के कारण उसे पिछले साल ओमान की नेशनल एयरलाइन में पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे एयरलाइन में दूसरा काम दिया गया। वह पहले रॉयल एयर मैरोक के साथ भी काम कर चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई में उसे काम करते हुए करीब 8 महीने हुए थे। अल्हमामी का जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं। उसने अपनी जिंदगी के कई साल यूएई में भी बिताए। आरोपी ने 29 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया था। दावों के मुताबिक वह प्लेन क्रैश करवाना चाहता था। विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। हालांकि घायल कैप्टन ने उससे मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को पकड़ा। इसके बाद सऊदी अरब में विमान की लैंडिंग हुई। आरोपी के पास से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का दावा आई24 न्यूज ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया कि अल्हमामी के पास से ‘फ्री फिलिस्तीन’ समूहों के पर्चे और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामान मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, वह फिलिस्तीनियों के समर्थन और इजराइल के विरोध की बात करता था। जांच एजेंसियां इन दावों को उसके कट्टरपंथ और संभावित आतंकी मकसद की जांच के हिस्से के तौर पर देख रही हैं। हालांकि, हमले के मकसद और किसी संगठन से उसके संबंध की जांच अभी जारी है। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने घटना के पीछे आतंकवादी गतिविधि या किसी पूर्व योजना से संबंध की जांच के आदेश दिए हैं। ओमानी पायलट को तेल अवीव की फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी जांच होगी ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि ओमान के नागरिक अल्हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली। सीएनएन के मुताबिक, इजराइल की शिन बेट, मोसाद, सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। वे यह पता लगा रही हैं कि अल्हमामी को इस रूट पर उड़ान भरने की मंजूरी किस प्रक्रिया के तहत दी गई थी।
घटना के बाद सऊदी अरब में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। इसके बाद अल्हमामी को यूएई भेज दिया गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच की जा रही है।



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