![]()
पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-4 में करीब पांच साल पहले दिनदहाड़े हुई चर्चित डकैती के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट ने तीन दोषियों नेपाल निवासी करन बहादुर, गोपाल उर्फ खगेंद्र सार्की और लुधियाना निवासी आसमान सिंह को 7-7 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने मामले के चौथे आरोपी टेक बहादुर उर्फ टेका को पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण बरी कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी डकैती का मास्टरमाइंड घर पर काम करने वाला नौकर करन बहादुर ही था। बच्चे को मारने की धमकी देकर गए थे दोषियों की सजा पर बहस के दौरान सरकारी वकील प्रदीप शर्मा ने कोर्ट में मजबूत दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था। वारदात के वक्त आरोपियों ने एक साल के मासूम बच्चे की जान लेने की धमकी देकर पूरे परिवार को खौफ में डाल दिया था। सरकारी पक्ष ने मांग की कि ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि समाज में सख्त संदेश जा सके। अब जानिए, कैसे हुई पूरी वारदात…
Source link
पंचकूला डकैती कांड में 3 को 7-7 साल की सजा:एक साल के बच्चे को बनाया बंधक; ₹5.50 लाख कैश और ज्वेलरी ले गए थे
