पठानकोट में नाबालिग बेटे-साथी को बांधकर थाने लाए:पिता बोले-अमृतसर से लाते हैं ₹40 हजार का 'चिट्टा', पुलिस पैसे लेकर छोड़ देती, नशेबाजी और चोरी से हैं परेशान




पठानकोट शहर में ‘चिट्टे’ (हेरोइन) का जाल किस कदर गहरा चुका है, इसकी खौफनाक बानगी उस समय देखने को मिली जब एक पिता खुद अपने बेटे और उसके नाबालिग दोस्त को रस्सी से बांधकर खींचता हुआ थाने ले पहुंचा। पिता का आरोप है कि उसका नाबालिग बेटा अपने दोस्त के साथ मिलकर नशे की सप्लाई करते हैं, बड़े शहरों से नशा खरीदकर शहर में बेचते हैं। पिता ने कहा कि वो दिहाड़ी लगाकर घर का गुजर-बसर करता है। लेकिन, उसके बेटे और दोस्त के पास हजारों रुपए कहां से आते हैं। उसके साफ तौर पर कहा कि वो खुद दुखी है कि बेटा ऐसे कामों में पड़ गया। पिता ने ये भी माना कि उसके बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर शहर में चोरियां भी कीं हैं। लेकिन, पुलिस उन्हें पकड़ने के बाद छोड़ देती है। वहीं, थाना एक प्रभारी दविंदर काश्नी का कहना है कि एक व्यक्ति अपने बेटे और एक अन्य नाबालिग को लेकर उनके पास आया था। मामले की जांच जारी है। इनका डोप टेस्ट करवाया जाएगा और रिपोर्ट आने पर बनती कार्रवाई की जाएगी। पिता का छलका दर्द: अमृतसर से लाते हैं ₹40-40 हजार का नशा पकड़े गए नाबालिग के पिता ने भावुक और आक्रोशित होकर बताया कि उनके बच्चे और उसके साथी पूरी तरह नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। अमृतसर से नशे की सप्लाई: परिजनों के अनुसार, ये नाबालिग अमृतसर जैसे बड़े शहरों से ₹40-40 हजार का ‘चिट्टा’ खरीदकर लाते हैं। खंडहरों में लगाते हैं टीके: दिनभर वे घर से गायब रहते हैं और पार्क के पास स्थित खंडर या सुनसान इलाकों में रहकर हेरोइन के टीके लगाते और नशा करते पड़े रहते हैं। चोरी और फोन बेचने की आदत: नशा खरीदने के लिए पैसे जुटाने हेतु वे दुकानों के ताले तोड़ते हैं, घर से पैसे चुराते हैं और यहां तक कि पढ़ाई के लिए मिले स्कूल के मोबाइल फोन तक बेच चुके हैं। पुलिस पर गंभीर आरोप: जेब से ₹14 हजार निकाले और छोड़ दिया पीड़ित पिता ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सीधे सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाए। पिता ने बताया कि इससे पहले भी जब उन्होंने बच्चों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, तो पुलिस ने सुधारगृह या जेल भेजने के बजाय उनसे पैसे ऐंठ कर उन्हें छोड़ दिया। नाबालिग के पिता ने कहा कि पुलिस वाले इन्हें पकड़कर ले तो जाते हैं, लेकिन बाद में पैसे लेकर छोड़ देते हैं। पिछली बार भी दोनों लड़कों की जेब में पड़े ₹7-8 हजार निकालकर पुलिस ने इन्हें छोड़ दिया था। ये घर नहीं जाते, बस नशे के लिए भागते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले; जांच जारी स्थानीय निवासियों ने जब दोनों नाबालिगों को संदिग्ध हालत में घूमते और चोरी का सामान बेचते देखा, तो उन्हें दबोच लिया और तुरंत पिता को इस बारे बताया। वहीं, पिता ने पुलिस को सूचना दी और दोनों को रस्सियों बांधकर थाने पहुंच गया। पुलिस कर रही मामले की जांच फिलहाल, थाना 1 प्रभारी दविंदर काश्नी का कहना है कि नाबालिगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन बच्चों को नशा सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना कौन है और वे अमृतसर में किससे नशा खरीदते थे। उन्होंने कहा कि पिता के अनुसार इन दोनों ने जिन दुकानों पर चोरी की है, उन्हे थाने में बुलाया गया है। उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। वहीं, इन दोनों नाबालिगों का डोप टेस्ट भी करवाया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।



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