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‘पड़ोसी राज्यों से लाकर हिमाचल में ठिकाने लगा रहे शव:भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले- सुक्खू सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त, पंचायती चुनाव से जनता ने दिए विदाई का संकेत




हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इन चुनावों में कांग्रेस की हार को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शनिवार को प्रदेश सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शीर्ष स्तर पर चल रही आपसी खींचतान के कारण प्रशासनिक ढांचा और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे जनता का सरकार से विश्वास उठ गया है। डॉ. बिंदल ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों (हरियाणा और पंजाब) में हत्या की वारदातों को अंजाम देने के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए हिमाचल लाया जा रहा है। पहले अपराधी शवों को छिपाने के लिए खड्डों में फेंकते थे, लेकिन अब स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि खुलेआम दाह संस्कार तक किए जा रहे हैं। जब मंत्री और पुलिस-प्रशासन के उच्च अधिकारी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर कीचड़ उछालेंगे, तो सरकार का इकबाल खत्म होना लाजिमी है। नशा-मुक्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल भाजपा अध्यक्ष ने सुक्खू सरकार के नशा-मुक्ति दावों को पूरी तरह खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) पर नियंत्रण के दावे केवल दिखावा हैं। कुल्लू में रेव पार्टियों और मादक पदार्थों के बढ़ते मामलों पर हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, जो सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। स्वास्थ्य क्षेत्र की बदहाली का जिक्र करते हुए डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को न तो जरूरी दवाइयां मिल रही हैं और न ही टेस्ट की सुविधाएं। मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। भाजपा सरकार के समय शुरू की गई हिमकेयर और केंद्र की आयुष्मान योजना का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि अस्पतालों को सरकार की तरफ से भुगतान नहीं किया जा रहा है। कर्मचारी परेशान, एचआरटीसी की बसें खटारा डॉ. बिंदल ने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और परिवहन व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के मेडिकल बिल लंबित पड़े हैं, महंगाई भत्ता (DA) नहीं मिल रहा है और पेंशनरों को भुगतान में भारी देरी हो रही है। वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की वित्तीय स्थिति बेहद खराब है, बसें खटारा हो चुकी हैं और तकनीकी दिक्कतों के कारण यात्री बीच रास्ते में परेशान हो रहे हैं। चुनावी नतीजे सुक्खू सरकार के खिलाफ जनमत डॉ. राजीव बिंदल ने अंत में दावा किया कि बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, कर्मचारियों की नाराजगी और लचर कानून-व्यवस्था के कारण ही जनता ने पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को पूरी तरह नकार दिया है। यह सुक्खू सरकार के प्रति जनता के बढ़ते असंतोष का स्पष्ट प्रमाण है और प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है।



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