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रामपुर उपमंडल के अंतर्गत आती ज्यूरी पंचायत के कोटला गांव के ग्रामीणों ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई अपनी कृषि भूमि को मूल भू-मालिकों को वापस लौटाने की पुरजोर मांग उठाई है। मंगलवार को ज्यूरी पंचायत की प्रधान राज कांता भारद्वाज की अध्यक्षता में ग्रामीणों के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह जमीन उनके पूर्वजों की आजीविका, परंपरा और अधिकारों का मुख्य आधार रही है। ग्रामीणों का तर्क है कि परियोजना निर्माण के दौरान अधिग्रहित की गई इस भूमि की आवश्यकता अब नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना को नहीं रह गई है। ऐसे में नियमानुसार इस निष्प्रयोज्य भूमि को इसके मूल मालिकों या उनके वारिसों को तुरंत वापस लौटाया जाना चाहिए। गुर्जर समुदाय को बसाने की योजना का कड़ा विरोध मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने उक्त अधिग्रहित भूमि पर गुर्जर समुदाय के लोगों को बसाने की किसी भी संभावित योजना का पुरजोर और कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय भूमि पर बाहरी लोगों को बसाने का कोई भी प्रशासनिक निर्णय कोटला गांव के लोगों के सामाजिक व आर्थिक हितों के बिल्कुल खिलाफ होगा, जिसे वे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को काफी समय से शासन-प्रशासन के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी प्रतिनिधिमंडल ने उपमंडलीय प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए भूमि वापसी की कागजी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांग पर समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन व संबंधित विभागों की होगी। एसडीएम ने दिया नियमानुसार विचार करने का भरोसा एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि मामले पर नियमानुसार विचार कर उचित विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के प्रधान केवल राम वर्मा, गोविंद वर्मा, राज कुमार, शिशी राम मेहता, राम दास मेहता, राजेंद्र खन्ना, हरीश खन्ना और संदेशा वर्मा सहित कोटला गांव के कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
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परियोजना की जमीन पर गुर्जर समुदाय को बसाने का विरोध:रामपुर में जलविद्युत प्रोजेक्ट के लिए हुआ था अधिग्रहण, बोले- जरूरत नहीं तो किसानों को वापस करें
