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समाज में बढ़ती नशे की समस्या और युवाओं को नशे से बचाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प-नशा मुक्ति अभियान यात्रा’ शुरू की गई है। सनातन संस्कृति जागृति ट्रस्ट के सौजन्य से निकाली जा रही यह यात्रा रविवार को अंबाला पहुंची। यात्रा के दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया जा रहा है। महामंडलेश्वर स्वामी नरेशानंद ने बताया कि यात्रा की शुरुआत पानीपत से हुई है। पानीपत में कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यात्रा करीब 10 दिन में पूरी होगी। इसका उद्देश्य अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। चंडीगढ़ में राज्यपाल, सीएम और स्पीकर को देंगे मांग पत्र यात्रा अंबाला के बाद चंडीगढ़ जाएगी। यहां राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर को मांग पत्र देने की योजना है। इसके बाद यात्रा वाघा बॉर्डर और अमृतसर पहुंचेगी। अमृतसर से लुधियाना और पटियाला होते हुए यात्रा दोबारा हरियाणा में प्रवेश करेगी। वाघा बॉर्डर से डबवाली, नारनौल होते हुए दिल्ली जाएगी यात्रा अमृतसर और पटियाला के बाद यात्रा डबवाली पहुंचेगी। इसके बाद नारनौल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और गुरुग्राम होते हुए दिल्ली जाएगी। यात्रा का अंतिम प्रमुख पड़ाव दिल्ली का जंतर-मंतर होगा। यहां केंद्र सरकार के समक्ष नशा मुक्ति और नशे की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग रखी जाएगी। युवाओं को नशे से बचाना मुख्य उद्देश्य स्वामी नरेशानंद ने कहा कि आज देश का युवा बड़ी संख्या में नशे की गिरफ्त में जा रहा है। अगर युवा सुरक्षित रहेगा तो देश भी सुरक्षित रहेगा और तरक्की करेगा। इसी सोच के साथ नशे के खिलाफ समाज को जागरूक करने के लिए यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। जहां पहुंचेगी यात्रा, लोगों को दिलाएगी नशामुक्ति का संकल्प उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। साथ ही उनसे नशा नहीं करने और दूसरों को भी इससे दूर रखने का संकल्प कराया जा रहा है। यात्रा के जरिए नशे की तस्करी पर प्रभावी रोकथाम की जरूरत को भी सामने रखा जा रहा है। यात्रा का समापन वापस पानीपत में होगा।
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पानीपत से शुरू हुई नशामुक्ति अभियान यात्रा अंबाला पहुंची:युवाओं को नशे से दूर रहने का दिलाया संकल्प, जंतर-मंतर पर देंगे मांग पत्र
