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नमस्कार, डोटासरा को अशोक गहलोत जी ने PCC का चीफ बनाया। उन्हीं डोटासरा को अब गहलोत के नारेबाजी पसंद नहीं। चूरू के सुजानगढ़ में पार्षद मैडम के पतिदेव कीचड़ से भरी नाली में खूब रेंगे। नशे में धुत ड्राइवर साहब की पहुंच मंत्रीजी तक है और एक रिटायर्ड IAS साहब जनता की सेवा करना चाहते हैं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. राजधानी में मालवीय जी का ‘पगफेरा’ अपने घर में आदमी की हौसला बढ़ जाता है। जयपुर में गहलोत साहब के नारे लगे तो PCC साहब को ये बात पसंद नहीं आई। कुछ का कुछ बोल गए। इसके बाद गहलोत ने ट्रेन पकड़ी और जोधपुर पहुंच गए। जोधपुर उनका घर। हौसला बढ़ना ही था। स्टेशन पर जिस तरह पब्लिक ने उनका स्वागत किया, उसी में डोटासरा का जवाब छुपा था। मानेसर संकट के दौर में गहलोत ही थे जिन्होंने डोटासरा को संगठन की कमान दी। तब वे उनके पैरों में झुक कर आशीर्वाद लेते थे। अब कहते हैं कि नारे मत लगाओ। हमारे नेता राहुल गांधी हैं। वो पुष्कर में कह गए कि डोटासरा-जूली अच्छा काम कर रहे हैं। बाकी किसी ऐरे-गैरे से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। कांग्रेस के ही संदीप सिंह ने एक्स पर लिख दिया-ऐरे-गैरे कुछ बन जाते हैं तो पागल हो जाते हैं। जोधपुर में गहलोत जी ने कार्यकर्ताओं से कह दिया- अभी कांग्रेस की हवा चल रही है। चौथी बार गहलोत सरकार के नारे मत लगाओ। नारे लगाना हमारा काम नहीं। मैं तीन बार सीएम बना लेकिन मेरे लिए कभी नारे नहीं लगे। जब-जब गहलोत पर उन्हीं की पार्टी के लोग निशाना साधते हैं, तब-तब वे मुखर हो जाते हैं। एक बात गहलोत भी जानते हैं कि हवा कितनी ही पक्ष की चले, जब अंदरूनी तूफान चलता है तो वही होता है जो पिछले चुनाव में हुआ था। बाकी, लगता है कि महेंद्र जीत सिंह मालवीय मुहूर्त देख राजधानी नहीं पहुंचे। उनके पगफेरे के बाद ही ये सारा बखेड़ा खड़ा हुआ। 2. नाली में क्यों रेंगने लगे पार्षद पति वे लाख समझाने की कोशिश करें कि नगर पालिका काम नहीं कर रही। मोहल्ले की नालियां रुकी पड़ी हैं। लेकिन एक बात यकीनी तौर पर कही जा सकती है कि उनका नाली में रेंगना नगरपालिका के काम न होना नहीं है। उनकी खुद की पत्नी पार्षद हैं। मोहल्ले में पानी भरा तो वे कीचड़ में जाकर बैठ गए। बहुत देर तक बैठे रहे। जनता वीडियो बनाने लगी। वीडियो बनते देख उन्हें जोश आया। जब नाली में ही बैठ गए तो काहे की शर्म। पार्षद पति ने शर्म की शर्ट उतारकर खूंटी पर टांग दी और कीचड़ से लबालब नाली में लोट-पलेटे मारने लगे। कीचड़ की ढेरी पर अजगर की तरह लोटने लगे। मोहल्ले के लोगों को आभास हुआ कि यही वह नायक है जिसे हमारी फिक्र है। बस यही एहसास जनता को कराने के लिए निकाय और पंचायत चुनाव की व्यवस्था की गई है। चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पार्षद पति बहुत देर से नाली में बैठे थे। इस बीच किसी ने उनके मन की बात कह दी- अरे इनके लिए कोई कुर्सी लेकर आओ। 3. ड्राइवर साहब बोले-जवाहर बेढम का आदमी हूं जवाहर बेढम गृह राज्यमंत्री हैं। उनका आदमी होने का ये मतलब तो नहीं जैसा लोग ड्राइवर साहब के बारे में कह रहे हैं। ड्राइवर साहब का नाम वह है, जो सारी दुनिया लेती है। यानी सीताराम। वे कोटा जाने के लिए भोपाल से रोडवेज बस लेकर निकले। झालावाड़ में बस कुछ देर के लिए रुकी। कंडक्टर उतरकर खाना खाने लगा। चर्चा है कि इसी दौरान ड्राइवर साहब किसी भांति टुन्न हो गए। ड्राइवर का इंतजार किए बिना आधी सवारियां लेकर ही उन्होंने बस दौड़ा दी। इसके बाद जब खुमार दिमाग पर चढ़ा तो झालावाड़ मिनी कलेक्ट्रेट के मेन गेट के पास गाड़ी रोककर सो गए। तब तक कंडेक्टर भी भागता-दौड़ता वहां पहुंच गया था। लोगों ने पुलिस बुला ली। ड्राइवर साहब का नशा तो उतर गया लेकिन खुमार नहीं। जब उनसे कहा गया कि सवारियों की जान खतरे में पड़ सकती थी तो बोले- जवाहर बेढम का आदमी हूं। 4. चलते-चलते… आदमी की उम्र ढल जाती है लेकिन महत्वकांक्षाएं नहीं ढलतीं। शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी रिटायर हो गए। नौकरी से पैसा, इज्जत, स्टेटस सब कुछ मिला। लेकिन अधिकारी जी काम करके थके नहीं थे। अब उन्हें जनता की सेवा करने की इच्छा हो रही है। बड़े पद पर रहकर, बड़े नेताओं से संबंध रखकर अगर टिकट की इच्छा नहीं की, तो खाक कुछ किया? हाल ही अधिकारी जी के परिवार में शादी समारोह था। समारोह में बड़े बड़े नेता शरीक हुए। सुना है कि इसी बहाने महोदय ने नेताओं को मन की इच्छा बता दी थी। अब रिटायर होने के बाद माहौल बनाएंगे। चुनाव भी ज्यादा दूर नहीं। विधायकी का टिकट पक्का मानकर बैठे हैं। अब देखते हैं, फुरसत में जनता की सेवा के लिए क्या-क्या करते हैं। इनपुट सहयोग- सुनील स्वामी (सुजानगढ़, चूरू), नरेश भाटी (चूरू), अनुराग हर्ष (बीकानेर), बलबहादुर सिंह हाड़ा (झालावाड़)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
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पार्षद मैडम के पतिदेव नाली में रेंगने लगे:राजधानी में मालवीय जी का 'पगफेरा'; ड्राइवर बोला-'मैं जवाहर बेढम का आदमी'
