Headlines

बिजली कटौती के खिलाफ मोहाली में अकाली का प्रदर्शन:उद्योगों के पलायन का लगाया आरोप,सोहाना बोले- बिजली की अनिश्चित सप्लाई से इंडस्ट्री प्रभावित




पंजाब में बिजली कटौती को लेकर सियासत तेज हो गई है। बुधवार को शिरोमणि अकाली दल की ओर से मोहाली में बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। मोहाली हलके के मुख्य सेवादार परमिंदर सिंह सोहाना के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अकाली दल ने आरोप लगाया कि लगातार बिजली कटौती का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं, बल्कि औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन और कारोबार पर भी पड़ रहा है। पार्टी का दावा है कि बिजली की अनिश्चित सप्लाई के कारण कुछ उद्योग दूसरे राज्यों में अपनी यूनिट शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं। पंजाब में इस समय औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे बिजली कटौती की खबरें भी सामने आई हैं। 13 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार मोहाली समेत प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में औद्योगिक उपभोक्ताओं को 8 से 10 घंटे तक की कटौती का सामना करना पड़ा था। सोहाना बोले- सरकार के बयानों में बदलाव क्यों? प्रदर्शन के दौरान परमिंदर सिंह सोहाना ने कहा कि सरकार की ओर से बिजली व्यवस्था को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकार पंजाब में पर्याप्त कोयला उपलब्ध होने की बात कहती थी, जबकि अब बिजली संकट के बीच कोयले की कमी को समस्या से जोड़कर बताया जा रहा है। यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में बिजली उत्पादन और कोयला आपूर्ति को लेकर सरकार और केंद्र के बीच भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा नुकसान का दावा अकाली दल का कहना है कि किसी औद्योगिक इकाई में अचानक बिजली बंद होने से मशीनरी और उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होती है। लंबे कटों के कारण उत्पादन शेड्यूल बिगड़ता है और समय पर ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो सकता है। हाल की रिपोर्टों में मोहाली के उद्योगपतियों की ओर से भी बिजली कटौती से आर्थिक नुकसान की चिंता जताई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक औद्योगिक संगठनों ने बिजली की कमी के चलते करीब 100 करोड़ रुपए तक के संभावित नुकसान की बात कही थी। दूसरे राज्यों में प्लांट जाने का आरोप अकाली नेताओं ने कहा कि उद्योग के लिए बिजली की नियमित सप्लाई जरूरी है। उनके अनुसार अगर किसी राज्य में उत्पादन लगातार प्रभावित होता है तो निवेशक दूसरे राज्यों में विकल्प तलाश सकते हैं। हालांकि, कितनी औद्योगिक इकाइयों ने वास्तव में पंजाब से बाहर अपनी यूनिट शिफ्ट की है, इसका आंकड़ा प्रदर्शन के दौरान जारी नहीं किया गया। मोहाली के विकास का भी मुद्दा उठाया सोहाना ने प्रदर्शन के दौरान मोहाली के विकास को लेकर भी पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोहाली में इंडस्ट्री के साथ-साथ एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, नया कोर्ट परिसर और डीसी कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं। अकाली दल का दावा है कि मोहाली को एक औद्योगिक और संस्थागत केंद्र के तौर पर विकसित करने में पिछली सरकारों की भूमिका रही है। सोहाना ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इन व्यवस्थाओं को ठीक तरीके से संभाल नहीं पा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *