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- Ahmedabad: Fake Passport Case Arrest | Harikesh Patel ED Money Laundering
7 मिनट पहले
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गुजरात ATS ने अहमदाबाद के शाहिबाग निवासी हरिकेश पटेल को फर्जी दस्तावेजों से दूसरा पासपोर्ट बनवाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हरिकेश को 12 सितंबर को गिरफ्तार किया गया, 13 सितंबर को अदालत से उसे 6 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
पटेल ने पावरबैंक ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अपना भारतीय पासपोर्ट अदालत में जमा किया था। इसके बाद उसने पासपोर्ट खोने की झूठी शिकायत दर्ज कराई और दूसरा पासपोर्ट बनवाया।
पटेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की सुनवाई के दौरान अपना भारतीय पासपोर्ट अदालत में जमा किया था। इस पासपोर्ट का नंबर S2528999 है।
गौरतलब है कि हरिकेश, गुजरात महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष गीताबेन पटेल के बेटे हैं। वे खुद पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के सदस्य रह चुके हैं।
दूसरा पासपोर्ट कैसे बनवाया
अधिकारियों के मुताबिक, पटेल ने फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी देकर दूसरा पासपोर्ट हासिल कर लिया। इस पासपोर्ट का नंबर C0538007 है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में पटेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया था।
इसी दौरान पटेल ने दिल्ली क्राइम ब्रांच में पासपोर्ट खोने की झूठी शिकायत दर्ज कराई। रिलीज के मुताबिक, उसका मकसद गिरफ्तारी से बचना और विदेश जाना था।
पटेल ने आधार कार्ड में उत्तर प्रदेश के आगरा का गलत पता दर्ज कराया। इसके आधार पर उसने दूसरे जरूरी दस्तावेज बनवाए।
इसके बाद उसने 26 जुलाई 2024 को गाजियाबाद के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस से दूसरा पासपोर्ट हासिल किया।
फर्जी पासपोर्ट से 4 देशों की यात्रा की

ATS के मुताबिक, पटेल ने दूसरे पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भूटान के रास्ते बैंकॉक, सिंगापुर और दुबई की यात्रा की। वह नेपाल के रास्ते भारत लौटा। पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है।
आरोपी के नाम पर फर्जी बैंक खाते भी मिले
जांच में पता चला है कि हरिकेश पटेल के खिलाफ नारनपुरा और क्राइम ब्रांच में पहले भी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज हो चुकी है। इस मामले में उसे गिरफ्तार भी किया गया था। आरोपी के शाहिबाग और साइंस सिटी में घर हैं।
यह भी सामने आया है कि आरोपी के नाम पर कई कंपनियां पंजीकृत हैं। इनमें कुछ कंपनियां फर्जी बताई जा रही हैं और इनके नाम पर धोखाधड़ी की गई थी। पुलिस को आरोपी के नाम पर कुछ फर्जी बैंक खाते भी मिले हैं।

