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गणेश उत्सव के बीच बैतूल के बस स्टैंड पर डेढ़ दिन वाले गणेश की परंपरा इस साल भी निभाई गई। सोमवार को गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना की गई थी। मंगलवार देर रात विधि-विधान से प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान ढोल की थाप और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते हुए बप्पा को विदाई देने पहुंचे। देखें तस्वीरें… चार साल से निभाई जा रही परंपरा बस स्टैंड के व्यापारी पिछले चार साल से डेढ़ दिन के गणेश की स्थापना कर रहे हैं। इस परंपरा की शुरुआत रेस्टोरेंट संचालक अजाबराव झरबड़े ने की थी। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से प्रेरणा लेकर इसकी शुरुआत की थी। झरबड़े होटल के काम में व्यस्त रहते थे। इस वजह से वह लंबे समय तक पूजा-पाठ नहीं कर पाते थे। सलमान खान के डेढ़ दिन के गणेश विसर्जन की खबर से उन्हें प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने बैतूल में भी इसी तरह गणेश स्थापना करने का फैसला लिया। हवन-पूजन के बाद भंडारा, फिर विसर्जन इस परंपरा में गणेश चतुर्थी की सुबह प्रतिमा स्थापित कर हवन-पूजन किया जाता है। अगले दिन भंडारे के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। व्यापारी विजय आहूजा के अनुसार, मुंबई में डेढ़ दिन से लेकर 11 दिन तक गणेश प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा है। वहीं, बैतूल के बाजार में आमतौर पर गणेश प्रतिमाएं 14 दिन तक स्थापित रहती हैं। नेहा झरबड़े ने बताया कि डेढ़ दिन के गणेशोत्सव में भी उन्हें 10 दिन के उत्सव जैसी ही श्रद्धा और भक्ति महसूस होती है। इस दौरान पांच आरतियां भी की जाती हैं। कोरोना के समय यह परंपरा रुक गई थी। इसके बाद से यह लगातार जारी है। भक्ति गीतों पर देर रात तक झूमे भक्त मंगलवार रात विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। भक्ति गीतों और ढोल की धुन पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। इसी के साथ बस स्टैंड के व्यापारियों के डेढ़ दिन के गणेशोत्सव का आयोजन पूरा हुआ। इस साल डेढ़ दिन वाले गणेश की प्रतिमा का विसर्जन 15 सितंबर 2026 को किया गया।
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बैतूल बस स्टैंड पर डेढ़ दिन वाले गणेश का विसर्जन:ढोल की थाप पर नाचते-गाते दी बप्पा को विदाई, 4 साल से निभा रहे परंपरा
