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18 जनवरी 2025 का दिन। सुबह के करीब 10 बजे थे। मुंबई के कल्याण से बिलासपुर जाने वाली ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के जनरल कोच में खिड़की के पास एक शख्स बैठा है। वो लगातार अपना फोन देख रहा है। अचानक रेलवे पुलिस उसके पास पहुंची और कॉलर से उसे पकड़ लिया। एक कॉन्स्टेबल ने फोन पर मौजूद एक तस्वीर से उसकी शक्ल मिलाई। दूसरे ने टिकट और आधार कार्ड दिखाने को कहा। आधार पर आकाश कनौजिया नाम पढ़ते ही पुलिस वालों ने उसे दबोच लिया। बोले- ‘क्या कर के भाग रहा है मुंबई से? सैफ अली खान को चाकू मार के?’ आज स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में आज इसी आकाश की कहानी, जिसे सैफ अली खान पर हमले के शक में पकड़ लिया गया था… जैसे ही पुलिस ने उसे दबोचा वो लड़खड़ाती जुबान में बोला- ‘मैंने कुछ नहीं किया, मैं तो बिलासपुर जा रहा हूं, अपनी शादी की तारीख तय करने।’ ट्रेन अब तक दुर्ग स्टेशन पहुंच चुकी थी। पहिए थमते ही पुलिस ने आकाश को नीचे उतार लिया। वहां पहले से ही छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टोली मौजूद थी। अब आकाश उनके हवाले था। पुलिस आकाश को लेकर थाने पहुंची। वहां पहले से ही मीडिया वालों की भीड़ थी। आकाश को जैसे ही गाड़ी से उतारा गया, कैमरे के फ्लैश चमकने लगे। टीवी एंकर जोर-जोर से बताने लगे- ‘सैफ अली खान का हमलावर पकड़ा गया। आकाश कनौजिया नाम के इस शख्स ने सैफ पर चाकू से हमला किया था।’ थाने के अंदर पहुंचते ही आकाश हाथ जोड़कर खड़ा हो गया। बोला-‘सर, मैं तो नानी के घर जा रहा था। आज मेरी शादी की तारीख पक्की होने वाली थी। मैंने किसी को नहीं मारा।’ इंस्पेक्टर बोला- मुंबई पुलिस आती होगी, वही बताएंगे तूने क्या किया है। तीन-चार घंटे बाद मुंबई पुलिस भी थाने पहुंच गई। हवालात में बंद आकाश को लात मारते हुए मुंबई पुलिस बोली, ‘मुंबई से कहां भाग रहा था। सच बोल दे %$#। तू ही खिड़की से कूदकर सैफ के कमरे में घुसा था। तभी वो आ गए और तूने उन्हें चाकू मार दिया।’ रोते हुए आकाश बोला, ‘मैंने सैफ को कभी देखा तक नहीं। चाकू कैसे मार दूंगा। मुझे उनके पास ले चलो। अगर वो कह देते हैं कि मैंने ही चाकू मारा है तो आप जैसा चाहें वैसा करना।’ एक सब इंस्पेक्टर बोला, ‘तेरे पास 12 घंटे हैं। सच उगल दे। तुझे सुबह मुंबई ले चलेंगे।’ आकाश को धमकी देकर सभी पुलिस वाले वहां से चले गए। वो सारी रात जागता रहा। सुबह होते ही मुंबई पुलिस फिर थाने पहुंची। मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर ने लोकल पुलिस के इंस्पेक्टर से कहा- ‘सीसीटीवी फुटेज से इस लड़के का चेहरा मैच नहीं हो रहा है। ठाणे में एक दूसरा लड़का पकड़ा गया है। उसकी शक्ल सीसीटीवी से हूबहू मिल रही है। शायद उसी ने सैफ अली को चाकू मारा है। इस लड़के आकाश को रायपुर जंक्शन ले चलो। वहीं, छोड़ देना। जहां जाना होगा चला जाएगा। इतना कहकर पुलिस ने आकाश को अपनी गाड़ी में बैठाया और सख्त लहजे में उससे बोली, ‘मीडिया वालों से बात मत करना। तुझे रायपुर स्टेशन छोड़ देंगे।’ पुलिस ने आकाश को छोड़ तो दिया, लेकिन तब तक उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी। सभी उसे बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान को चाकू मारने वाला मान चुके थे। इस घटना को 21 महीने बीत चुके हैं। आकाश मुंबई लौट चुका है। लेकिन उसकी जिंदगी अब पहले जैसी बिल्कुल नहीं है। मुंबई से सटे कल्याण से करीब 15 किलोमीटर दूर टिटवाला का इंदिरा नगर इलाका। मैंने चौराहे पर खड़े एक शख्स को आकाश की फोटो दिखाते हुए घर का पता पूछा। फोटो देखते ही वो बोला, ‘अरे! ये तो आकाश कनौजिया है। इसी का नाम तो सैफ अली खान पर हमले में आया था। सामने जो मस्जिद है, उससे नीचे की तरफ चले जाना। बस्ती में घुसते ही उसका घर है।’ सुबह के करीब 10 बजे मैं आकाश के घर पहुंच गया। दरवाजा खोलते ही आकाश अंदर आने को कहते हैं। मुझे देखते ही उनकी मां दुर्गा कनौजिया बोल पड़ती हैं, ‘यही 10 बाय 20 का एक कमरे का घर है। इसी में हम चार लोग रहते हैं। जब से पुलिस ने आकाश को पकड़ा है, हमारी तो जिंदगी ही खत्म हो गई। दुर्गा कहती हैं आकाश के बारे में सुनकर उसकी नानी पागल ही हो गई। जैसे सदमा लग गया हो। आकाश का काम-धंधा चौपट हो गया। पहले महीने का 20-25 हजार रुपए कमा लेता था। अब तो बमुश्किल हर रोज 200-300 रुपए कमा पाता है। जब से इसकी फोटो मीडिया में आई है हमारी जिंदगी तबाह हो गई है।’ कहते-कहते दुर्गा की आंखें भर आती हैं। वो उठकर वहां से चली जाती हैं। आकाश के पिता कैलाश कनौजिया मेरे सामने बैठे हैं। पत्नी को रोता देख वो कहते हैं, ‘मुंबई पुलिस ने तो मेरे बेटे की जिंदगी बर्बाद कर दी। फिर पलटकर किसी ने कोई सुध-खबर नहीं ली कि हम किस हाल में हैं। मुंबई पुलिस ने हमारे साथ बहुत गलत किया। हम लोग तो बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे। ये 32 साल का हो चुका है। जिस दिन आकाश, कल्याण से बिलासपुर के लिए निकला, उसकी अगली शाम ही मेरे मोबाइल पर एक वीडियो आया। मेरा बेटा हवालात में था और मीडिया वाले चीख रहे थे- ये मासूम-सा दिखने वाला लड़का आकाश कनौजिया है। इसी ने सैफ अली खान पर 16 जनवरी 2025 की रात चाकू से हमला किया था। तब मैं कोलाबा में एक सेठ के यहां गाड़ी चलाता था। उनके मोबाइल में भी वीडियो आया। देखते ही मुझसे बोले- तेरा बेटा तो क्रिमिनल है। यही सब करते हो तुम लोग।’ मैंने सिर्फ इतना कहा- जिस दिन ये हादसा हुआ था। उस दिन तो मेरा बेटा घर से ही नहीं निकला था। फिर ये सब कैसे करेगा? जरूर पुलिस उसे फंसा रही है।’ पिता की बात सुनते ही आकाश कहते हैं, ‘मैंने तो कई बार आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा, लेकिन बूढ़े मां-बाप का चेहरा देखकर रुक जाता हूं। सोचा था शादी-ब्याह कर लूंगा, कहीं भी मेहनत-मजदूरी करके कमाऊंगा, खाऊंगा। बीवी, मां-बाप को अपने साथ रखूंगा। अब सब खत्म हो गया…। मुंबई पुलिस, सैफ अली खान ने सब बर्बाद कर दिया। 17 जनवरी 2025 की बात है। दोपहर के एक-दो बज रहे होंगे। मेरे नंबर पर एक अनजान नंबर से फोन आया। उठाते ही आवाज आई- मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन से बोल रहा हूं। कल रात सैफ अली खान पर हमला हुआ था। तुमने ही किया था न हमला? तुम्हारा चेहरा सीसीटीवी फुटेज से मैच हो रहा है। मैंने कहा, ‘सर मैं तो घर पर था। आप फोटो भेजो मुझे।’ कुछ देर बाद व्हाट्सएप पर एक फोटो आई। उस शख्स की शक्ल काफी हद तक मुझसे मैच हो रही थी, लेकिन मूंछ नहीं थी। मैंने तुरंत उसी नंबर पर कॉल करके बताया- सर, इसकी शक्ल मुझसे मैच हो रही है, लेकिन ये मैं नहीं हूं। कोई और है।’ पुलिस ने फोन काट दिया। 18 जनवरी को मैं घर से बिलासपुर के लिए निकल गया। जाते वक्त मम्मी बोली- इस बार लड़की वालों के घर से शादी की तारीख पक्की कर के लौटना। अब मेरी भी तबीयत खराब रहती है और नानी भी अकेली है।’ करीब 18 घंटे बाद मुझे ट्रेन से उतार लिया गया। पुलिस के छोड़ने के बाद आप नानी के घर गए? ‘नहीं, मैंने रायपुर स्टेशन से अपनी नानी को फोन किया, तो वह कहने लगीं- कल रात से ही तुम्हारे फोटो, वीडियो छाए हैं हर जगह। सब कह रहे हैं कि तुमने सैफ अली खान को चाकू मार दिया है। ये सब सुनने के बाद लड़की के घरवालों ने शादी से इनकार कर दिया है। मैंने फौरन लड़की को फोन किया। मेरी उससे करीब 6 महीने से बात हो रही थी। आवाज सुनते ही बोली, ‘तुम लोग क्रिमिनल हो। न्यूज चैनल में तुम्हारी फोटो सबने देखी है। बहुत बदनामी हुई है हमारी। मैंने उसे समझाने की कोशिश भी की ‘पुलिस ने गलती से मुझे पकड़ लिया था। ये सब गलत है, अब पुलिस ने छोड़ दिया है। मैं बिलासपुर आ रहा हूं। सुनते ही बोली, ‘अब ये शादी नहीं हो सकती। इसलिए तुम्हे यहां आने की कोई जरूरत नहीं है। घरवाले तुम्हारी शक्ल भी नहीं देखना चाहते। अब कुछ नहीं हो सकता।’ लड़की की बात सुनते ही मैंने मां को फोन किया। वो कहने लगीं- ‘सारे रिश्तेदार कह रहे हैं कि तुम्हारा बेटा तो क्रिमिनल बन गया। जितनी जल्दी हो सके तुम वापस लौट आओ।’ आकाश रुंधे गले से आगे कहते हैं, ‘जब मैं लौटकर आया तो पड़ोसियों ने मुझे देखते ही घर का दरवाजा बंद कर लिया। कोई हमसे बात करने को तैयार नहीं था। पापा को उनके सेठ ने ये कहकर काम से हटा दिया कि तुम्हारा बेटा क्रिमिनल है। आकाश कहते हैं- जब मुझे हिरासत में लिया गया था, मैं मुंबई रेलवे डिवीजन में ऑफिसर्स की गाड़ी चलाता था। जब काम पर वापस गया तो ठेकेदार बोला, ‘तुम लोग $#@% यही काम करते हो। जाओ यहां से, अब तुम्हारे लिए कोई काम नहीं है। अगर अफसरों को तुम्हारे बारे में पता चला तो मेरा टेंडर ही कैंसिल हो जाएगा। तुम अपना हिसाब-किताब पकड़ो और दफा हो जाओ।’ मैं पैसे लेकर वापस घर आ गया। उसके बाद से कई जगह नौकरी के लिए गया, लेकिन नाम सुनते ही लोग कहते- तुम्हारे लायक यहां कोई काम नहीं है। बड़ी मुश्किल से अपने एक दोस्त की जूस की दुकान पर काम कर रहा हूं। उसी से रोज के दो-तीन सौ रुपए कमा लेता हूं।’ आकाश के पिता कहते हैं, ‘बड़े बेटे को भी काम से निकाल दिया गया। अब काम मांगने जाता है तो लोग पुराने सेठ को फोन करके उसके काम के बारे में पूछते हैं। वो सेठ बता देता है कि इसके भाई ने सैफ अली खान को चाकू मारा था, इसलिए कोई काम नहीं देता।’ आकाश कहते हैं, ‘किसी तरीके से कमाकर दो वक्त का खाना खा लेते थे। लेकिन मुंबई पुलिस ने तो सबकुछ ही खत्म कर दिया। न मुंबई पुलिस हमें देखने आई, न सैफ अली खान। पहले मैं सैफ का फैन था, लेकिन अब तो शक्ल भी नहीं देखना चाहता। अब उसकी फिल्म देखने का भी मन नहीं करता।’ आकाश से मिलने के बाद मैं बांद्रा पुलिस स्टेशन पहुंचा। वहां एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- ‘मुंबई पुलिस ने कुछ भी गलत नहीं किया। दुर्ग पुलिस से हमारे पास इन्फॉर्मेशन आई थी कि एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, इसलिए हम वहां गए। आकाश कनौजिया को मुंबई पुलिस को धन्यवाद देना चाहिए कि हमने उसे वहीं छोड़ दिया। अपने साथ मुंबई भी नहीं लाए। उससे कोई पूछताछ भी नहीं हुई। फिर कैसे हमने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। सैफ अली खान ने थोड़ी न हमें आकाश को हिरासत में लेने को कहा था। पुलिस का तो अधिकार है किसी भी संदिग्ध से 24 घंटे तक पूछताछ कर सकती है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद तो उसका इस केस में कोई नाम भी नहीं है। जैसे ही हमें पता चला, अगली सुबह ही छोड़ दिया। मीडिया में उसके फोटो, वीडियो आए उसके लिए मुंबई पुलिस कैसे जिम्मेदार है। ये तो दुर्ग पुलिस और वहां की मीडिया को सोचना चाहिए था।’ ———————————————
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ब्लैकबोर्ड-सैफ अली को चाकू उसने घोपे, जिंदगी मेरी तबाह हुई:मंगेतर ने क्रिमिनल कहकर शादी तोड़ दी, बाप-भाई की भी नौकरी चली गई
