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सवाई माधोपुर में 87 साल के भाई की मौत की खबर सुनते ही सदमे में 83 साल की बहन ने भी दम तोड़ दिया। भाई के निधन की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद बहन की भी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि भाई की मौत के बाद उन्हें संभालने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। एक घंटे के अंतराल में हुई दोनों की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। मामला सवाई खंडार तहसील के कटार और सोनकच्छ गांव का है, जहां 11 जुलाई सुबह करीब 7 बजे यह घटनाक्रम हुआ। पढ़िए … पूरा घटनाक्रम 1. सुबह 7 बजे भाई की अचानक मौत हुई
11 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे खंडार तहसील के कटार गांव निवासी हरफूल गुर्जर (87) घर के आंगन में नहाने के बाद खाट (चारपाई) पर बैठे थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार वह पूरी तरह स्वस्थ थे और किसी तरह की बीमारी नहीं थी। 2. भाई के निधन की खबर मिलते ही लगा सदमा
हरफूल गुर्जर की मौत की सूचना करीब 5 किलोमीटर दूर सोनकच्छ गांव में रहने वाली उनकी बहन फूला देवी (83) को दी गई। भाई के निधन की खबर सुनते ही वह गहरे सदमे में चली गईं। परिवार और रिश्तेदार उन्हें लगातार संभालने और सांत्वना देने की कोशिश करते रहे। 3. एक घंटे में बहन ने भी दम तोड़ दिया
रिश्तेदार रामजीलाल ने फूला देवी को लूगड़ा भेंट किया, जबकि रामप्रसाद ने उन्हें भगवद्गीता का 12वां अध्याय सुनाया। उस समय वह सामान्य नजर आ रही थीं, लेकिन भाई के निधन की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद दम तोड़ दिया। 4. परिवार में शोक का माहौल
भाई-बहन की एक घंटे में मौत की खबर से कटार और सोनकच्छ सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट भी दोनों परिवारों के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम के वनवास जाने के बाद राजा दशरथ ने भी पुत्र वियोग में प्राण त्याग दिए थे। आज के समय में भाई-बहन के बीच ऐसा भावनात्मक रिश्ता विरले ही देखने को मिलता है। 5. पांचों भाई-बहनों का हो चुका है निधन
परिजनों ने बताया कि हरफूल गुर्जर और फूला देवी सहित परिवार में कुल पांच भाई-बहन थे। समय के साथ सभी का निधन हो चुका है और अब इस पीढ़ी का कोई भी भाई-बहन जीवित नहीं बचा है।
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भाई की मौत का सदमा नहीं सकी बहन:खबर मिलते ही तबीयत बिगड़ी, एक घंटे बाद ही दम तोड़ा
