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मंत्री हीरालाल नागर की अधिकारियों को चेतावनी:समीक्षा बैठकों में पूरी तैयारी, कार्ययोजना के साथ ही आए, कागजी आंकड़े से काम नहीं चलेगा




ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार शाम को सर्किट हाउस में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बारिश के मद्देनजर आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य की समीक्षा बैठकों में पूरी तैयारी, अद्यतन आंकड़ों और स्पष्ट कार्ययोजना के साथ ही आए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागर ने कहा विकास कार्यों और जनसुविधाओं के लिए बजट और फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। लेकिन अधिकारियों को रिजल्ट ओरिएंटेड के साथ काम करना होगा। मंत्री नागर ने बैठक में आपदा प्रबंधन, चिकित्सा, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग से जुड़े जनहित के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान मंत्री हीरालाल नागर ने विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों, विशेषकर आपदा प्रबंधन, चिकित्सा कर्मियों और शिक्षकों की कमी पर चिंता जताई। चिकित्सा कर्मियों की कमी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके से ही प्रिंसिपल सेक्रेटरी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) से बात की। और जल्द से जल्द जनहित में इन रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्कूलों भवनों का समय रहते सर्वे कराने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर भवनों का निस्तारण और आंगनबाड़ियों का मेंटेनेंस ​ऊर्जा मंत्री ने स्कूल बिल्डिंग और आंगनवाड़ी केंद्रों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जर्जर भवनों को तुरंत चिन्हित कर उन्हें डिस्मेंटल (ध्वस्त) करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान (समसा) और पीडब्ल्यूडी द्वारा किए गए सर्वे के डेटा का मिलान करने को कहा। साथ ही, भवन-विहीन और जर्जर भवनों वाले स्कूलों, आंगनवाड़ी व स्कूल भवनों के नियमित रखरखाव के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने के निर्देश दिए। वृक्षारोपण-70% पौधे जीवित रखना अनिवार्य, कागजी खानापूर्ति पर रोक ​मंत्री नागर ने सख्त लहजे में कहा कि केवल कागजी आंकड़े पेश करने से काम नहीं चलेगा। अधिकारियों को पूर्व में तय लक्ष्य, लगाए गए कुल पौधों और वर्तमान में जीवित पौधों का सटीक डेटा पेश करना होगा। उन्होंने कहा कि “पौधा लगाने से ज्यादा जोर उसे पेड़ बनाने पर होना चाहिए।” उन्होंने लक्ष्य दिया कि कम से कम 70% पौधे हर हाल में जीवित रहने चाहिए। इसके लिए बच्चों और ग्रामीणों में वृक्षों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करने और व्यापक प्लानिंग के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम सीलिंग रवि वर्मा, एसई पीडब्ल्यूडी अशोक सनाढ्य, सीएमएचओ नरेंद्र नागर, एसडीओ दीपक महावर, डीईओ सेकेंडरी रामचरण मीणा, एडीपीसी नवल किशोर महावर समेत विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।



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