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मदनी का दावा-दुनिया में इस्लाम सबसे तेजी से फैल रहा:लखनऊ में कहा- सबको कुरान पढ़ाइए; यह कत्ल की बात नहीं करता




जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सभी लोगों को बुलाइए और उन्हें कुरान पढ़ाइए। उन्हें बताइए कि कुरान क्या कहता है? कुरान कहीं भी कत्ल या नफरत की बात नहीं करता। इस्लाम मोहब्बत का मजहब है, इसीलिए आज यह पूरी दुनिया में सबसे तेजी से फैल रहा है। दुनियाभर के पढ़े-लिखे लोगों ने भी इस्लाम के तेजी से फैलने की बात स्वीकार की है। वह लखनऊ में शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हिंदू-मुस्लिम इत्तेहाद कॉन्फ्रेंस (हिंदू-मुस्लिम एकता सम्मेलन) को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन उनकी संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किया। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न संगठनों, समुदायों के प्रतिनिधि और शिक्षाविद शामिल हुए। सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैंने बचपन में अजान सीखी थी, लेकिन कोर्ट की व्यस्तताओं के बीच उसे भूल गई। अब मैं उसे फिर से सीखना चाहती हूं।” 3 तस्वीरें देखिए- पढ़िए मौलाना मदनी की कही 5 बड़ी बातें 1- इस देश में मुसलमान का विरोध बहुत पहले से हो रहा है। मौजूदा सरपरस्ती (सरकार) मस्जिद को मुसलमान की बरकत समझती है। इसीलिए बुलडोजर चलाती है। जो इस्लाम का केंद्र मस्जिद को समझते हैं, वही इसका विरोध करते हैं। 2- मस्जिद से अजान दी जाती है। ये लोग अजान का मतलब नहीं समझते। अजान में अल्लाहु अकबर कहा जाता है, जिसका मतलब है- अल्लाह सबसे बड़ा है। वह भी कहते हैं कि ओम सबसे बड़ा है। हम कहते हैं कि अल्लाह सबसे बड़ा है। अजान का दूसरा अल्फाज ईश्वर है। वह एक है, उसका कोई साथी नहीं है। 3- आजम खान एक सियासी व्यक्ति हैं। लेकिन, जिस शख्स के नाम पर यूनिवर्सिटी है, मौलाना मोहम्मद अली जौहर, उन्होंने देश और समाज के हित में बहुत काम किया है। इसलिए हम चाहते हैं कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम से यूनिवर्सिटी हमेशा रहे। वहां जो किया जा रहा है, वह गलत है, गलत है, गलत है। 4- हम प्यार-मोहब्बत का पैगाम देने आए हैं। इस धरती पर जो नफरत की आग लगी है, उस पर प्यार-मोहब्बत का पानी नहीं छिड़का जाएगा तो आग और भड़केगी। नफरत की सियासत करना इस देश की जड़ को कमजोर करना है, मुल्क को बर्बाद करना है। 5- जो लोग छात्रों का विरोध कर रहे हैं, उससे छात्रों का बहुत नुकसान हो रहा है। जो पेपर लीक हो रहा है, छात्रों के लिए बहुत नुकसानदेह है। सरकार को इस तरह की चीजों पर ध्यान देना चाहिए। करीब 32 लाख बच्चों का मकसद बर्बाद हो गया। सम्मेलन के मुख्य अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…



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