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महोबा में 12 घंटे की बारिश से शहर जलमग्न:जिला अस्पताल की इमरजेंसी में टपकी छत, वार्ड के बाहर तैरते दिखे सांप




महोबा में मंगलवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने करीब 12 घंटे तक शहर की रफ्तार थाम दी। करीब 7 घंटे लगातार हुई तेज बारिश से सड़कें और गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। कई इलाकों में दुकानों और मकानों में पानी घुस गया। सड़कों पर कई फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा और लोग रास्तों में फंसे नजर आए। बारिश का सबसे ज्यादा असर जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां परिसर और डॉक्टरों के आवासीय परिसर में पानी भर गया। आल्हा चौक, पुराना प्राइवेट बस स्टैंड, शुक्रवारी बाजार, परमानंद चौक और शाह पहाड़ी रोड समेत शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। निचले इलाकों में हालात ज्यादा खराब रहे। घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। लगातार बारिश के कारण कई घंटे तक शहर में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड की छत से टपका पानी मूसलाधार बारिश का सबसे गंभीर असर जिला अस्पताल में दिखाई दिया। अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी भर गया। डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के आवासीय परिसर भी जलभराव की चपेट में आ गए। इमरजेंसी वार्ड की छत से भी पानी टपकने लगा। जिस समय छत से पानी गिर रहा था, उस समय वार्ड में मरीज भर्ती थे। वार्ड के बाहर जमा पानी में सांप और अन्य कीड़े दिखाई देने से मरीजों और तीमारदारों में डर का माहौल बन गया। अस्पताल स्टाफ के आवासों में पानी भरने से कर्मचारियों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। अस्पताल परिसर में जलभराव ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। आल्हा चौक से शुक्रवारी बाजार तक पानी ही पानी बारिश के कारण शहर के प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया। आल्हा चौक, पुराना प्राइवेट बस स्टैंड, शुक्रवारी बाजार, परमानंद चौक और शाह पहाड़ी रोड पर सड़कें पानी में डूबी रहीं। कई जगह पानी दुकानों और मकानों के अंदर तक पहुंच गया। दुकानदारों ने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने की कोशिश की। सड़क पर पानी का स्तर बढ़ने के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। लगातार बारिश के चलते लोगों को जरूरी काम के लिए भी घर से निकलने में परेशानी हुई। कई स्थानों पर वाहन पानी के बीच फंसे नजर आए। 7 घंटे की लगातार बारिश ने बिगाड़े हालात मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश रुक-रुककर करीब 12 घंटे तक जारी रही। इसमें लगभग 7 घंटे तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई। कम समय में बड़ी मात्रा में पानी गिरने के कारण शहर का ड्रेनेज सिस्टम इसका दबाव नहीं संभाल सका। सड़कें और गलियां तालाब में बदल गईं। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार भी बारिश के कारण संभावित नुकसान को लेकर चिंतित रहे। बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों पर उठाए सवाल एक ही रात की तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी। कई प्रमुख स्थानों पर जलभराव होने और जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर पानी भरने से स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या हर बार सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। अस्पताल परिसर में पानी भरने और इमरजेंसी वार्ड की छत से पानी टपकने की स्थिति ने मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। फिलहाल, बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित है। लोगों को जलभराव से राहत मिलने और प्रशासन की ओर से जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त किए जाने का इंतजार है।



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