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राज्य में अब तक 818.4 एमएम बारिश, सामान्य से 3% ज्यादा मानसून की शुरुआत में अल-नीनो के प्रभाव और कम बारिश से सूखे की आशंका जताई गई थी। जून और जुलाई में भी बारिश की स्थिति चिंताजनक रही। धानरोपनी से लेकर जलाशयों तक में पानी की कमी दिखने लगी थी। लेकिन अगस्त में बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने झारखंड की तस्वीर बदल दी। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से 2 सितंबर तक राज्य में होने वाली सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है अगली गर्मी में पानी की किल्लत का खतरा कम…झारखंड में लगातार तीसरे साल मानसून में सामान्य बारिश होने की उम्मीद है। पिछले वर्ष मानसून सीजन में सामान्य से करीब 17% अधिक बारिश हुई थी। वहीं, 2024 में सामान्य से मात्र 1% कम बारिश हुई थी। 2023 में सामान्य से करीब 23% कम बारिश हुई थी। इस बार बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे निम्न दबाव के कारण अच्छी बारिश हुई है। 9 सितंबर और महीने के तीसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने की संभावना है। इससे अच्छी बारिश होगी। फिलहाल सभी डैम लबालब हैं, इसलिए अगले साल गर्मी में पानी की किल्लत से छुटकारा मिलेगा।
जिलों में असामान्य बारिश, इसलिए 9 जिलों में कमी
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मौसमवाणी; जून-जुलाई में सूखे का डर था, अगस्त में झमाझम:लो प्रेशर ने बदली तस्वीर, झारखंड में 2 सितंबर तक का बारिश का कोटा पूरा
