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रतिया नगर पालिका में चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को कई पार्षदों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले को पंजाबी समाज और धर्म से जोड़कर अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्षदों ने इसे पूरी तरह नगर पालिका के प्रशासनिक और जनहित से जुड़ा मामला बताया। प्रेस वार्ता में पार्षद गुरप्रीत गोपी, सतपाल लड़वाल, जोगिंदर नंदा, जसवीर चौहान, पार्षद प्रतिनिधि गुरपाल, पार्षद विजय कुमार और पार्षद प्रतिनिधि विक्की गर्ग सहित अन्य मौजूद थे। पार्षदों ने सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को भड़काकर जनता को गुमराह करने के प्रयासों की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अविश्वास प्रस्ताव का किसी समाज या धर्म से कोई संबंध नहीं है। पार्षदों का दावा- उन्होंने किया था मीटिंग की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध पार्षदों ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 9 जुलाई को बैठक होनी थी, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन पक्ष यह प्रचारित कर रहा है कि तारीख उन्होंने आगे बढ़वाई है, जबकि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों ने ही सरकार से समय बढ़ाने का अनुरोध किया था। पार्षदों ने जल्द ही नई तारीख जारी होने की संभावना जताई। पार्षदों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में रतिया विधायक जरनैल सिंह का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक का नाम बेवजह विवाद में घसीटा जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। पार्षदों ने उठाया वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा, फर्जी बिलों की प्रतियां दिखाई इस दौरान पार्षदों ने नगर पालिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि पिछले तीन दिनों से नगर पालिका में विजिलेंस की जांच चल रही है। पार्षदों ने प्रेस वार्ता में कथित फर्जी बिलों की प्रतियां दिखाते हुए घोटाले के आरोप लगाए। उन्होंने नगर पालिका सचिव और चेयरपर्सन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब अभी सामने नहीं आया है।
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रतिया नगरपालिका पार्षदों ने चेयरपर्सन को घेरा:अविश्वास प्रस्ताव मामले को पंजाबी समाज से जोड़ने का विरोध, जल्द नई तारीख आने की उम्मीद
