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शिमला जिले में नारकंडा के हाटू मंदिर के समीप गाहन जंगल में मंगलवार को भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान खर्शू और मौरू प्रजाति के लगभग 450 पौधे रोपे गए। यह कार्यक्रम वन विभाग, कर्नल एडवेंचर एंड स्पोर्ट्स, 133 डोगरा रेजिमेंट (ईको टास्क फोर्स) और नारकंडा-गाहन क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईएफएस (वन अरण्यपाल) सीबी ताहसीलदार उपस्थित रहे। उनके साथ वन मंडल अधिकारी कोटगढ़ अरुण कुमार और कर्नल लखविंदर सिंह भी मौजूद थे। कर्नल लखविंदर सिंह की पहल और सहयोग से इस कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो पाया। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने पर दिया जोर मुख्य अतिथि सीबी ताहसीलदार ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें पेड़ के रूप में विकसित करना ही इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने और प्लास्टिक मुक्त भारत के निर्माण में वन विभाग का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने पर भी जोर दिया। वन विभाग ने नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और प्रकृति के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
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रामपुर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान:खर्शू और मौरू के 450 पौधे लगाए, पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया जोर
