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लुधियाना नगर निगम (MC) द्वारा शहर की सड़कों की सफाई के लिए जारी किए गए मैकेनिकल स्वीपिंग टेंडर को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कहा जा रहा है सफाई में कई सालों से अव्वल स्थान बना रहे ईंदौर का रेट इससे बहुत कम है। वहां 400 रुपए का रेट है। पंजाब के कई शहरों और चंडीगढ़ का रेट भी कम है। फिर यहां इतना ज्यादा रेट क्यों है।
पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी ममता आशु ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस टेंडर की दरों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2500 रुपये प्रति किलोमीटर की भारी-भरकम दर तय करने से नगर निगम को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इतना ही नहीं इस बड़े रेट को लेकर घोटाले की भी आशंका जताई जा रही है।
अन्य शहरों से की तुलना: “लुधियाना में रेट इतना ज्यादा क्यों?” ममता आशु ने पड़ोसी शहरों और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की दरों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि लुधियाना में सफाई का टेंडर इतना महंगा क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि जब अन्य नगर निगम काफी कम दरों पर काम करा रहे हैं, तो लुधियाना में इस बढ़ी हुई दर से किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। दोनों किनारों का खर्च ₹5,000 से ₹10,000 प्रति किमी तक पहुंचेगा टेंडर की शर्तों पर गणित समझाते हुए ममता आशु ने दावा किया। यदि ₹2,500 की दर सड़क के सिर्फ एक किनारे की सफाई के लिए है, तो एक ही किलोमीटर सड़क के दोनों किनारों की सफाई का खर्च ₹5,000 आएगा। वहीं ‘डबल रोड’ होने की स्थिति में यह लागत बढ़कर ₹10,000 प्रति किलोमीटर तक पहुंच जाएगी, जिससे नगर निगम के खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। भूजल संकट और कंपनी के चयन पर भी सवाल पानी की फिजूलखर्ची पर चिंता: पंजाब में लगातार गहराते भूजल संकट और कई इलाकों के ‘ब्लैक जोन’ बनने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों की यांत्रिक सफाई में बड़े पैमाने पर पानी बहाना बिल्कुल अनुचित है। पुरानी कंपनी को दोबारा काम देने पर ऐतराज: सीनियर डिप्टी मेयर से जवाब मांगते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जिस ठेकेदार कंपनी को कुछ साल पहले लुधियाना से हटा दिया गया था, उसे ही अब इतनी बढ़ी हुई दरों पर दोबारा ठेका क्यों सौंपा जा रहा है? ममता आशु ने शहर के सभी पार्षदों से एकजुट होकर इस टेंडर का विरोध करने और नगर निगम के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की है।
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लुधियाना नगर निगम के सफाई टेंडर के रेट पर विवाद:2500 रुपए/ किमी रेट देने पर उठाया सवाल, चंडीगढ़-इंदौर से भी महंगा टेंडर क्यों
