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विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर रायपुर जिले में जागरूकता संगोष्ठी, निःशुल्क जांच शिविर, टीकाकरण अभियान और रैलियों का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना रहा। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दिवस की थीम “हेपेटाइटिस: आइए इसे खत्म करें” रखी है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस बी और सी के मामलों को समाप्त करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि जिले के सभी शासकीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में निःशुल्क जांच और टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि असुरक्षित इंजेक्शन, संक्रमित सुई और समय पर जांच न होने से लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाने की सलाह दी। लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं आईडीएसपी नोडल अधिकारी डॉ. विमल किशोर राय ने बताया कि हेपेटाइटिस ए और ई दूषित पानी व भोजन से फैलता है, जबकि हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित रक्त, असुरक्षित इंजेक्शन और असुरक्षित यौन संबंध के कारण फैल सकता है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस-बी का टीका उपलब्ध है और साफ पानी, स्वच्छता तथा सुरक्षित स्वास्थ्य आदतें अपनाकर संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, पीलिया, कमजोरी या भूख न लगने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। विभाग का संदेश है कि “जांच कराएं, इलाज कराएं और हेपेटाइटिस को हराएं।” कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ चिकित्सक और विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
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विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जागरूकता अभियान:2030 तक हेपेटाइटिस बी और सी खत्म करने का लक्ष्य, स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराने की अपील की
