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नालंदा में साइबर अपराधियों ने अब लोगों के वॉट्सऐप अकाउंट को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से वॉट्सऐप हैकिंग के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। नालंदा के साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने इस नए खतरे के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जालसाज मुख्य रूप से घातक एपीके फाइलों का सहारा लेकर लोगों के मोबाइल फोन का अनधिकृत एक्सेस हासिल कर रहे हैं। ट्रैफिक चालान और फॉर्म के नाम पर भेजी जा रही घातक फाइलें डीएसपी ने कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए स्पष्ट किया कि साइबर ठग लोगों को झांसा देने के लिए आरटीओ ट्रैफिक चालान, ऑनलाइन फॉर्म भरने या किसी जरूरी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जैसे बहाने बनाकर फाइल्स भेजते हैं। सामान्य दिखने वाली यह फाइल असल में वायरस युक्त एपीके फाइल होती है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को खोलता है या उस पर क्लिक करता है, उसका फोन पूरी तरह कंप्रोमाइज हो जाता है और अपराधी उस वॉट्सऐप का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। परिचितों से पैसे की मांग और ब्लैकमेलिंग का नया पैंतरा अकाउंट हैक होते ही जालसाज पीड़ित की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद सभी परिजनों और दोस्तों को आपात स्थिति बताकर पैसे मांगने के संदेश भेजने लगते हैं। कई मामलों में तो संपर्कों को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर सामाजिक प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी किया जाता है। चूंकि संदेश पीड़ित के अपने नंबर से जाता है, इसलिए लोग आसानी से इस धोखे का शिकार बन जाते हैं। सिम बदलकर तुरंत रिकवर करें खाता, 1930 पर दें सूचना डीएसपी ने बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि हर उपभोक्ता को अपने वॉट्सऐप सेटिंग्स में जाकर ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ अनिवार्य रूप से चालू रखना चाहिए। यदि गलती से फाइल डाउनलोड हो जाए और फोन हैक हो जाए, तो फौरन सिम कार्ड निकालकर किसी दूसरे सुरक्षित मोबाइल में डालें और वॉट्सऐप दोबारा चालू कर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय करें। इससे हैकर का एक्सेस तुरंत खत्म हो जाता है, वरना खाता 24 से 72 घंटे तक अपराधियों के कब्जे में ही रहेगा। किसी भी धोखाधड़ी पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और स्थानीय थाने में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
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वॉट्सऐप हैक हो गया तो तुरंत बदलें सिमकार्ड:नालंदा साइबर डीएसपी ने बताया 72 घंटे के खतरे से बचने का फार्मूला
