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शहडोल में मंगलवार शाम हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। तेज गर्जना के साथ शुरू हुई बारिश से कुछ ही देर में प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया, वहीं सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहन पानी में डूब गए। स्कूली बच्चों और राहगीरों को भी जलभराव वाली सड़कों से होकर गुजरना पड़ा। शाम को अचानक मौसम बदलने से तेज बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। नालियों का पानी सड़कों पर फैल गया और कई मोहल्लों में घरों तक पहुंच गया। सड़क और नालियों का अंतर मिट जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हुई। बारिश के दौरान स्कूल से लौट रहे छात्र-छात्राओं को पानी से भरी सड़कों से गुजरना पड़ा। कई स्थानों पर बाइक और स्कूटी पानी में आधी डूब गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, हर साल बारिश में ऐसी ही स्थिति बनती है, क्योंकि स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की गई है। हालांकि, कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को राहत मिली है। किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद बताई जा रही है। खेतों में नमी बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई और वृद्धि को लाभ मिलने की उम्मीद है। अधीक्षक भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार, 4 अगस्त 2026 तक जिले में 457.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक यह आंकड़ा 755.1 मिलीमीटर था। 3 अगस्त को जिले में औसतन केवल 0.1 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। मंगलवार की तेज बारिश ने वर्षा की कमी को कुछ हद तक पूरा किया, लेकिन साथ ही नगर की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया।
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शहडोल में मूसलाधार बारिश से जलभराव:घरों में पानी घुसा, वाहन डूबे; जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल
