शहर में अवैध गर्भपात मामले में सौम्या मेडिकल संचालक समेत पांच पर केस




शहर के चटनाही स्टेशन रोड स्थित सौम्या मेडिकल की आड़ में कथित रूप से अवैध तरीके से अस्पताल संचालित कर अवैध गर्भपात कराने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अंचलाधिकारी नंदकुमार राम के आवेदन पर मेडिकल संचालक समेत पांच लोगों के विरुद्ध लातेहार थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसकी पुष्टि एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता ने की है। उन्होंने बताया कि एफआईआर में मेडिकल संचालक गौतम कुमार पाण्डेय, नागेंद्र यादव, दीपक पासवान, अलका कुमारी एवं ज्योति कुमारी को नामजद आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ लातेहार थाना कांड संख्या 126/2026 दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर अस्पताल के ओटी असिस्टेंट दीपक पासवान को गिरफ्तार किया। उसे जेल भेज दिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इधर, सीओ द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि बिना आवश्यक अनुमति एवं ट्रेड लाइसेंस के अवैध रूप से दवाखाना और अस्पताल संचालित किया जा रहा था। वहां अवैध तरीके से गर्भपात कराए जा रहे थे। गौरतलब है कि 1 अगस्त की शाम उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर एसडीओ दिनेश कुमार के नेतृत्व में गठित छापेमारी टीम ने सौम्या मेडिकल परिसर में जांच की थी। छापेमारी के दौरान मेडिकल दुकान की आड़ में अस्पताल संचालित होने के साक्ष्य मिले थे। जांच टीम ने मौके से अवैध गर्भपात से संबंधित कई सामग्री एवं विभिन्न प्रकार की दवाइयां बरामद की थीं। इन्हें जब्त कर लिया गया था। यह मामला उस समय सामने आया था जब नगर पंचायत के सफाई कर्मियों को लगभग 7-8 माह के भ्रूण के अवशेष मिले थे। इधर, रविवार शाम ड्रग इंस्पेक्टर पूनम तिर्की, सदर अस्पताल के डॉ. विवेक विद्यार्थी, सीओ नंदकुमार राम, नगर प्रशासक राजीव रंजन व पुलिस ने सील दुकान की जांच की। दूसरे दिन सोमवार को भी टीम ने दुकान की जांच की। जांच के दौरान दवा भंडारण, अभिलेखों एवं संचालन से जुड़ी कई जानकारी इकट्ठा की गई। टीम ने कई दवाएं जब्त कीं। उन्हें जांच के लिए अपने साथ ले गई। सीओ ने कहा कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम जांच कर रही है। जो भी विस्तृत रिपोर्ट होगी, उसे वरीय अधिकारी को सौंपा जाएगा। जांच रिपोर्ट एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।



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