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टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ नगर परिषद में इन दिनों पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव की धूम है। रविवार रात ऐतिहासिक किला परिसर स्थित प्राचीन बलदाऊ जी मंदिर में रामलीला के दूसरे दिन का मंचन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी विश्व दीपक मिश्रा ने की। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग रामलीला देखने पहुंचे। मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में चित्रकूट के गुरुकुल संस्थान के कलाकारों ने धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह, वन गमन और केवट प्रसंग का जीवंत मंचन किया। धनुष टूटते ही गूंजा जयकारा, चारों भाइयों का हुआ विवाह लीला के दौरान दिखाया गया कि राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार जब बड़े-बड़े राजा और योद्धा शिव धनुष ‘पिनाक’ को हिला भी नहीं सके, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने सहजता से धनुष को उठा लिया। जैसे ही उन्होंने प्रत्यंचा चढ़ाई, धनुष टूट गया और पूरी जनकपुरी श्रीराम के जयकारों से गूंज उठी। माता सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाली। इसके बाद राजा दशरथ जनकपुर पहुंचे और वैदिक रीती-रिवाज के साथ चारों भाइयों-श्रीराम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतकीर्ति का विवाह संपन्न हुआ। आगे ये होंगे प्रमुख प्रसंग एसडीएम निशांत भूरिया ने बताया कि महोत्सव में आगे के कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे। 28 सितंबर: दशरथ देवलोक गमन, भरत मिलाप और सीता हरण का मंचन। 29 सितंबर: शबरी प्रसंग, श्रीराम-सुग्रीव मित्रता और लंका दहन। 30 सितंबर: लंका युद्ध, रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का समापन होगा। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम निशांत भूरिया, तहसीलदार प्राची जैन, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी मिश्रा और संजय जैन समेत कई लोग मौजूद रहे।
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श्रीराम ने गुरु की आज्ञा से तोड़ा धनुष:प्रत्यंचा चढ़ाते ही दर्शकों ने लगाए जयकारे, सीता से विवाह; रामलीला का दूसरा दिन
