![]()
चंडीगढ़ में लगने वाली सब्जी मंडियों में वेंडरों की ओर से रंगीन लाइटों का प्रयोग करने पर एक्शन की तैयारी हो गई है। हरी, पीली या अन्य रंगों की लाइटें लगाने वाले वेंडरों के लाइसेंस तक कैंसिल किए जाएंगे। इस संबंध में निगम की कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया है। साथ ही, किसानों को मंडी फीस में 50 फीसदी छूट दी जाएगी। इस बार होने वाली हाउस की मीटिंग में यह एजेंडा लाया जाएगा। नगर निगम की समिति के मेंबर व पार्षद गुरप्रीत गाबी का कहना है कि लोग पैसे देकर फ्रेश और साफ-सुथरी सब्जियों के लिए आते हैं। लेकिन मार्केट में वेंडर रंग-बिरंगी लाइटें लगा देते हैं। वे सब्जियों पर हरी लाइट्स और फ्रूट पर येलो या रेड लाइट का प्रयोग करते हैं। इससे व्यक्ति मार्केट से सब्जी हरी समझकर खरीदकर ले आता है, लेकिन घर में आकर वह खराब या पीली निकलती है। यह धोखाधड़ी है। यह लोगों के खाने पर भी डाका है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके अलावा वेंडर प्लास्टिक बैग और गंदगी फेंककर चले जाते हैं। चालान का सिस्टम भी किया तैयार
गाबी ने बताया कि चालान का सिस्टम भी बनाया गया है। इसके तहत कानून तोड़ने वाले वेंडर का चालान होगा। तीन बार चालान होने पर छह महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा। आईडी कार्ड में परिवार का ब्यौरा भी रहेगा। इसमें उसका पूरा एड्रेस रहेगा। किसानों को मंडी में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी
इस कार्य का फायदा होगा कि उसे पूरी तरह से कवर किया जाएगा। लोकल किसानों को मंडी में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। यह छूट मंडी फीस में मिलेगी। यह छूट उन किसानों को मिलेगी, जिनके पास उनकी जमीन की फर्द और आईकार्ड होगा।
Source link
सब्जियों पर कलरफुल लाइट लगाने वालों पर होगा एक्शन:चंडीगढ़ नगर निगम की तैयारी, 3 बार चालान पर छह महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड
