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सोनीपत जिले के गन्नौर स्थित गांव गढ़ी बलिंदा के सरकारी स्कूल में मुख्य प्रवेश द्वार का मेहराब (आर्च) ढहने से 11 वर्षीय मासूम की मौत के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने दर्दनाक हादसे पर स्वतः संज्ञान) लेते हुए मामले की सुनवाई का दायरा पूरे प्रदेश में बढ़ा दिया है। आयोग ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि पूरे हरियाणा के सभी सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का ‘स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट’ (ढांचागत सुरक्षा जांच) कराया जाए। न्यायमूर्ति ललित बत्रा, कुलदीप जैन और दीप भाटिया की पूर्ण पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि असुरक्षित स्कूल संरचना के कारण किसी बच्चे की जान जाना केवल एक हादसा नहीं है। यह बच्चों को रोके जा सकने वाले जोखिमों से बचाने वाली पूरी निरीक्षण, रखरखाव और जवाबदेही की व्यवस्था की समीक्षा की मांग करता है। सुरक्षित स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर बच्चों के जीवन, सुरक्षा और गरिमा के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है। आयोग के 5 बड़े निर्देश… डीजी-निदेशकों को निगरानी के आदेश सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जितेंद्र कुमार, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मानिता मलिक तथा गन्नौर के एसीपी विपिन अहलावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मानिता मलिक ने आयोग को आश्वासन दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करेंगी और समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में होगी स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट:सोनीपत हादसे पर मानवाधिकार आयोग सख्त, जर्जर ढांचे तुरंत सील या गिराने के निर्देश
