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जिला मुख्यालय टोंक स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (जनाना अस्पताल) के डॉक्टरों ने हाई रिस्क प्रसूता की पहले दो सिजेरियन होने के बावजूद तीसरा सिजेरियन करके प्रसूता और उसके दोनों नवजात की जान बचाई है। वर्तमान गर्भावस्था में जुड़वा शिशु थे, उनका ब्लड ग्रुप O-नेगेटिव होने के कारण यह गर्भावस्था अत्यंत हाई रिस्क श्रेणी में थी। डॉक्टरों ने परिजनों को समस्त स्थिति से अवगत कराते हुए सहमति ली। इसके बाद एक्सपर्ट की टीम ने ऑपरेशन किया। महिला के दोनों नवजात (लड़का और लड़की) स्वस्थ हैं। प्रसूता गत दिनों अस्पताल में भर्ती कराया गया था सिजेरियन से प्रसव हुआ। डॉक्टर्स बोले- समय पर इलाज के चलते सफल हुआ ऑपरेशन प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता राजोरा ने बताया कि O-नेगेटिव ब्लड ग्रुप, पहले के दो सिजेरियन और जुड़वा गर्भ वाली की स्थिति जटिल थी। समय पर उपचार मिलने से मां एवं दोनों नवजातों को सुरक्षित रखा जा सका। पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाएं नियमित प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं और हाई रिस्क गर्भावस्था की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में हाई रिस्क गर्भवतियों की नियमित पहचान, निगरानी एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी कार्य हो रहा है।
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हाई-रिस्क प्रसूता का तीसरा सीजेरियन, जुड़वा बच्चे हुए:जनाना अस्पताल में सफल ऑपरेशन; डॉक्टर्स बोले- समय पर इलाज लें
