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हिमाचल प्रदेश के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) में विभिन्न ट्रेड के 200 से ज्यादा यूनिट (क्लासेज) बंद हो गए हैं। केंद्र सरकार के प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) के आदेशों से राज्य की कई ITI पर ताला लटकने की नौबत आ गई है। इन आदेशों से तकनीकी शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। ITI में ट्रेड बंद होने की वजह राज्य की पूर्व और मौजूदा सरकारों द्वारा इंस्ट्रक्टरों की भर्ती नहीं करना है। राजनीतिक लाभ के लिए पूर्व सरकारों ने जगह-जगह ITI तो खोल दीं, मगर इनमें पढ़ाने वाले इंस्ट्रक्टरों की भर्ती नहीं की। कई ITI अब तक गेस्ट फैकल्टी के सहारे चलती रहीं। आज इसी कारण ITI पर संकट मंडरा रहा है। DGT ने लगभग पांच महीने पहले सभी राज्यों को ITI में पढ़ाने वाले इंस्ट्रक्टरों की मैपिंग (ई-केवाईसी) के निर्देश दिए। हिमाचल में भी मैपिंग कराई गई। DGT ने उसी दौरान संकेत दे दिए थे कि जिन ITI में इंस्ट्रक्टर नहीं होंगे, वहां कक्षाएं चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। ITI में एडमिशन शुरू अब इंस्ट्रक्टरों की मैपिंग लगभग पूरी हो चुकी है। ITI में एडमिशन का दौर शुरू हो गया है। इंस्ट्रक्टरों की कमी के चलते लगभग पांच हजार सीटें खत्म हो गई हैं। यानी इन पर इस बार बच्चों को एडमिशन नहीं मिलेगी। गलती सरकारों की और सजा अब बच्चे भुगतेंगे, क्योंकि नियम साफ है कि हर ट्रेड की प्रत्येक यूनिट के लिए अलग रेगुलर इंस्ट्रक्टर होना चाहिए। अगले साल कई ITI में लटक जाएंगे ताले सूत्रों के अनुसार, अभी तो DGT ने 50 फीसदी की छूट के साथ 200 से ज्यादा यूनिट बंद किए हैं। यदि भर्ती नहीं की गई तो अगले साल 80 फीसदी तक ट्रेड खत्म हो जाएंगे। इसके बाद अधिकांश ITI पर ताले लटक जाएंगे। ITI में 722 पद खाली सूचना के अनुसार, राज्य की लगभग 131 ITI में इंस्ट्रक्टरों के करीब 722 पद खाली पड़े हैं। राज्य में लंबे समय से इंस्ट्रक्टरों की भर्ती नहीं की गई। साल 2022 में पूर्व सरकार ने लगभग 120 पद मंजूर किए थे और इन्हें भरने के निर्देश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को दिए थे, लेकिन पेपर लीक के कारण स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को ही भंग कर दिया गया। इससे भर्तियां नहीं हो सकीं। अब सरकारी ITI के प्रभावित होने के बाद बच्चों को मजबूरन प्राइवेट ITI का रुख करना पड़ेगा और महंगी फीस देकर पढ़ाई करनी होगी। ITI में ट्रेड बंद होने से करोड़ों रुपए की मशीनरी और बिल्डिंग भी बेकार पड़ी रहेगी। अभी एक इंस्ट्रक्टर के हवाले थीं दो से तीन यूनिट अभी तक एक-एक इंस्ट्रक्टर दो से तीन कक्षाओं को पढ़ा रहे थे, जबकि DGT के नॉर्म्स के मुताबिक प्रत्येक ट्रेड की हर क्लास के लिए अलग इंस्ट्रक्टर जरूरी है। ITI में विभिन्न ट्रेड बंद होने से न केवल बच्चों का भविष्य दांव पर लगेगा, बल्कि उद्योगों की जरूरत के हिसाब से कुशल कामगार भी तैयार नहीं हो पाएंगे।
प्रत्येक ट्रेड से एक से तीन यूनिट ITI में यूनिट से अभिप्राय एक ट्रेड में चलने वाली दो से तीन अलग अलग कक्षाओं से है। जिस प्रकार स्कूलों में एक कक्षा में दो से तीन या फिर चार सेक्शन होते है। ठीक उसी प्रकार ITI में एक ट्रेड में एक से तीन तक यूनिट हो सकते है। प्रत्येक यूनिट में 20 से 24 स्टूडेंट विभिन्न ट्रेड में ट्रेनिंग लेते है। बता दें कि DGT केंद्र के मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप के तहत काम करता है। इसी के इंस्ट्रक्टर संबंधी मानकों के आधार पर ITI में एडमिशन की अनुमति दी जाती है।
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हिमाचल की ITI में 200+ यूनिट बंद:इंस्ट्रक्टर भर्ती न होने पर DGT का हंटर; 5000 सीटें खत्म, इंडस्ट्री को नहीं मिलेगी स्किल्ड मेनपावर
