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हिमाचल में 2,500 KM लंबी सड़कों की टायरिंग के निर्देश:मानसून खत्म होते ही शुरू करनी होगी, बर्फबारी से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य




हिमाचल में मानसून खत्म होते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) सड़कों की टायरिंग के काम को युद्ध स्तर पर शुरू करेगा। विभाग ने प्रदेशभर में करीब 2500 किलोमीटर सड़कों की टायरिंग का लक्ष्य रखा है। इस पर करीब 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन सड़कों पर टायरिंग होनी है, वहां बारिश खत्म होते ही काम शुरू करने की तैयारी पूरी रखी जाए। PWD के सामने टायरिंग का काम समय पर पूरा करने की चुनौती है, क्योंकि प्रदेश में 15 नवंबर के बाद तापमान गिरने के साथ ठंड और बर्फबारी शुरू होने की संभावना रहती है। ठंडे मौसम के साथ बारिश और बर्फबारी के दौरान टायरिंग का काम नहीं किया जा सकता। ऐसे में विभाग के पास प्रभावी रूप से करीब दो महीने का ही समय बचेगा। इसी को देखते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार सड़कों की हालत ज्यादा खराब प्रदेश में इस बार सड़कों की हालत ज्यादा खराब है। मार्च-अप्रैल में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच युद्ध के बाद बिटुमिन की कीमतों में भारी उछाल आने से टायरिंग का काम प्रभावित हुआ था। महंगी बिटुमिन के कारण कई जगहों पर नाममात्र ही टायरिंग हो पाई। अब विभाग ने सड़कों की खराब स्थिति को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा सड़कों की टायरिंग का लक्ष्य तय किया है। जिन डिविजनों में बारिश कम हो रही है, वहां कुछ जगहों पर टायरिंग का काम शुरू भी कर दिया गया है। वहीं जिन डिविजनों में अभी काम शुरू नहीं हुआ है, वहां अधिकारियों को सड़कों को टायरिंग के लिए तैयार रखने और टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौसम खुलते ही काम शुरू किया जा सके। 1100KM सड़कों की टायरिंग एनुअल मेंटिनेंस प्लान के तहत PWD ने 1100 किलोमीटर सड़कें एनुअल मेंटिनेंस प्लान के तहत, 1126 किलोमीटर सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत और करीब 351 किलोमीटर सड़कें नाबार्ड के तहत टायर होंगी। विभाग का फोकस मानसून के बाद उपलब्ध कम समय में अधिक से अधिक सड़कों का काम पूरा करने पर है। मौसम खराब होने से पहले टायरिंग का काम पूरा करना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि नवंबर के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान गिरने से सड़क निर्माण और टायरिंग के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं रहतीं।



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