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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर सात पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों ने चिंता जताई है। उन्होंने मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग से कूटनीतिक दखल देने की अपील की। इमरान खान फिलहाल रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। कप्तानों ने जेल में उनकी हालत बिगड़ने की आशंका जताई है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल ने कहा, “हमें चिंता है कि वह जेल में मर जाएंगे।” उन्होंने पेनी वॉन्ग से इस मामले पर मुलाकात का अनुरोध भी किया है। सात पूर्व कप्तानों ने लिखा पत्र ग्रेग चैपल के साथ एलन बॉर्डर, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, किम ह्यूज, मार्क टेलर और स्टीव वॉ ने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। ये ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के प्रमुख नामों में शामिल हैं। ग्रेग चैपल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 87 टेस्ट खेले हैं। वह भारतीय पुरुष टीम के कोच भी रह चुके हैं। पत्र में कप्तानों ने लिखा, “ग्रेग चैपल ने 2022 में इस्लामाबाद में इमरान खान से आखिरी बार मुलाकात की थी। उस समय खान प्रधानमंत्री थे और उनके अनुसार पूरी तरह स्वस्थ और फिट थे।” उन्होंने कहा, “उस तस्वीर को उनकी हिरासत से आ रही मौजूदा खबरों से जोड़ना मुश्किल है। इसलिए हम आज आपको लिख रहे हैं। हम राजनयिक या राजनीतिक लोग नहीं हैं, लेकिन हमें लगा कि अपनी आवाज उठानी चाहिए।” इमरान की उपलब्धियों का जिक्र कप्तानों ने पत्र में कहा, “खान ने पाकिस्तान को उसका एकमात्र विश्व कप खिताब दिलाया। उन्होंने अपने देश का प्रधानमंत्री के रूप में भी नेतृत्व किया।” उन्होंने लिखा, “ऑस्ट्रेलियाई लोग उनका बहुत सम्मान करते हैं। एक क्रिकेटर के तौर पर उनके कौशल और नेतृत्व ने साझा खेल पर गहरी छाप छोड़ी है।” पत्र में यह भी कहा गया कि इमरान खान ने कैंसर अस्पताल बनाकर पाकिस्तान के लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद की है। ग्रेग चैपल से पूछा गया कि सात पूर्व कप्तानों ने इमरान के समर्थन में एक और अपील क्यों की। इस पर उन्होंने जवाब दिया, “हमें चिंता है कि वह जेल में मर जाएंगे।” परिवार ने भी स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई पत्र में इमरान खान और उनके परिवार की परेशानियों का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि महान ऑलराउंडर को बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। पत्र के मुताबिक, इमरान के बेटों और बहनों ने कई महीनों से सार्वजनिक रूप से उनकी सेहत और हिरासत में इलाज को लेकर चिंता जताई है। इन चिंताओं में सीमित चिकित्सा सुविधा, परिवार से मिलने पर रोक और वकीलों तक बहुत कम पहुंच शामिल है। कप्तानों ने कहा, “हम उनके खिलाफ चल रहे कानूनी या राजनीतिक मामले पर कोई रुख नहीं अपना रहे हैं। यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है।” उन्होंने आगे लिखा, “लेकिन हिरासत में किसी भी व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार होता है, यह बुनियादी मानवता का मामला है। उसकी राजनीति चाहे जैसी भी हो।” ऑस्ट्रेलियाई सरकार से पाकिस्तान से बात करने की अपील पत्र में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पहली बार यह चिंता नहीं जताई है। पिछले छह महीनों में दो अलग-अलग मौकों पर यह मामला सार्वजनिक किया जा चुका है। कप्तानों ने कहा कि उसके बाद आई खबरों से लगता है कि हालात में सुधार नहीं हुआ है। अब इमरान के परिवार ने भी इन्हीं चिंताओं को दोहराया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से संबंधित पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने यह मामला सीधे उठाने की अपील की। पत्र में बताया गया कि ग्रेग चैपल ने हाल के हफ्तों में पेनी वॉन्ग से इस मुद्दे पर मुलाकात का अनुरोध किया है। वह सातों पूर्व कप्तानों की ओर से उनसे सीधे बात करना चाहते हैं। 2023 से जेल में हैं इमरान खान इमरान खान की उम्र अब 73 साल है। वह 2023 से जेल में हैं। इससे एक साल पहले उन्हें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। इसके बाद भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें 14 साल जेल की सजा सुनाई गई। प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद इमरान खान पर 100 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, सरकारी गोपनीय जानकारी लीक करने और सरकारी उपहारों की अवैध बिक्री के आरोप शामिल हैं। इमरान खान ने इन आरोपों से लगातार इनकार किया है। उनकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का भी कहना है कि ये मामले राजनीतिक बदले की कार्रवाई हैं। पहले भी अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने आवाज उठाई इस साल की शुरुआत में सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर समेत 21 अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखा था। उन्होंने इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार करने की अपील की थी। इसके बाद पैट कमिंस, ब्रायन लारा, वसीम अकरम, रमीज राजा, जावेद मियांदाद और माइकल होल्डिंग ने भी इमरान के समर्थन में आवाज उठाई थी।
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सात पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों की अपील:इमरान खान जेल में मर जाएंगे, विदेश मंत्री से दखल देने को कहा
