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बिना सत्यापन के किराए पर वाहन देने वाले रेंटल संचालकों पर अब हिसार पुलिस शिकंजा कसने जा रही है। जिला पुलिस कप्तान सिद्धान्त जैन ने कार, मोटरसाइकिल और अन्य वाहन रेंट पर देने वाली एजेंसियों व संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी व्यक्ति को गाड़ी या बाइक देने से पहले उसके पहचान और पते का विधिवत वेरिफिकेशन किया जाए। SP सिद्धान्त जैन ने स्पष्ट किया कि यदि किराए पर लिए गए किसी वाहन का उपयोग किसी अपराध में पाया जाता है और संबंधित संचालक के पास किरायेदार का पूरा रिकॉर्ड या सत्यापन नहीं मिलता है, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन मालिक और संचालक की सीधी जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें अब रेंटल व्हीकल एजेंसियों का औचक निरीक्षण और निगरानी करेंगी। संचालकों के लिए जारी की गई गाइडलाइन… दस्तावेजों की जांच: वाहन देने से पहले वैध पहचान-पत्र (आधार, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) और पते का भौतिक या डिजिटल सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। पूरा रिकॉर्ड रखें: किरायेदार का चालू मोबाइल नंबर, वाहन ले जाने और वापस लौटाने का समय व पूरा विवरण रजिस्टर या डिजिटल फाइल में सुरक्षित रखें। सब-लेटिंग पर रोक: बिना पूर्व जानकारी और रिकॉर्ड के किराएदार को वाहन किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने की अनुमति न दें। संदेह होने पर पुलिस को दें सूचना: कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आने पर तुरंत नजदीकी थाना या हिसार पुलिस को सूचित करें।
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हिसार SP की चेतावनी-बिना वेरिफिकेशन रेंट पर व्हीकल ना दें:कहा- अपराध में संलिप्तता मिली तो वाहन मालिक पर होगी सख्त कार्रवाई
