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चित्तौड़गढ़ में नगरीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं और दावेदारों की नजर अब 17 अगस्त पर टिकी है। इसी दिन नगर परिषद, नगर पालिकाओं, जिला परिषद और पंचायत समिति के विभिन्न पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश धाकड़ ने बताया कि आरक्षण की लॉटरी 17 अगस्त को सुबह 11 बजे ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ सभागार (डीआरडीए हॉल) चित्तौड़गढ़ में निकाली जाएगी। इस प्रक्रिया में नगर परिषद और नगर पालिकाओं के सदस्य, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण तय किया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और इच्छुक लोगों से समय पर मौजूद रहने की अपील की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से उनके सामने पूरी की जा सके। हर चुनाव से पहले होने वाली यह प्रक्रिया काफी अहम मानी जाती है, क्योंकि इसके आधार पर ही उम्मीदवार अपने चुनावी समीकरण बनाना शुरू करते हैं। नगर परिषद और जिला प्रमुख की सीट पहले से चर्चा में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा नगर परिषद और जिला परिषद की प्रमुख सीटों को लेकर है। नगर परिषद में सभापति का पद अनारक्षित (ओपन) है। यानी इस सीट पर किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगा। वहीं जिला प्रमुख का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में इस पद पर सिर्फ महिला उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में उतर सकेंगी। इन दोनों पदों को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा चल रही है और कई संभावित दावेदार अपने स्तर पर तैयारी भी कर रहे हैं। अब 17 अगस्त को होने वाली लॉटरी के बाद बाकी सीटों की स्थिति भी साफ हो जाएगी। लॉटरी के बाद बढ़ेगी चुनावी हलचल आरक्षण तय होने के साथ ही जिले में चुनावी माहौल बढ़ेगा। जिन सीटों पर दावेदार लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं, वहां आरक्षण की घोषणा के बाद समीकरण बदल भी सकते हैं। कई जगह नए चेहरे सामने आएंगे तो कुछ संभावित उम्मीदवारों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। राजनीतिक दल भी आरक्षण की अंतिम स्थिति सामने आने के बाद उम्मीदवारों के चयन और चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू करेंगे।
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17 अगस्त को निकलेगी आरक्षण की लॉटरी:नगर परिषद और नगर पालिकाओं में तय हो सकेगी तस्वीर; दावेदार तैयारी में जुटे
