8वां वेतन आयोग लागू होने में अभी सालभर से ज्यादा लगेंगे। 10 अगस्त 2026 को वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी संसद के दिए बयान के बाद ये अनुमान लगाया जा रहा है। ८वें वेतन आयोग का गठन नवंबर २०२५ में हो चुका है।
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फिर अभी एक साल का समय और क्यों लगेगा, सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज की सैलरी कबसे बढ़कर आने लगेगी, पेंशनर्स को कितना फायदा, ऐसे ही 7 जरूरी सवालों के जवाब आज के एक्सप्लेनर में…
सवाल-1: 8वां वेतन आयोग कब से लागू होगा? जवाब: केंद्र सरकार हर 10 साल में नया वेतन आयोग बनाती है, जो कर्मचारियों की सैलरी, महंगाई भत्ता यानी DA, हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA, पेंशन और अन्य फायदों में बदलाव की सिफारिश करती है।
31 दिसंबर 2025 को 2016 में लागू हुए 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म हुआ। इसके पहले 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन का नोटिफिकेशन जारी हो गया था।
आयोग बनने के बाद वित्त मंत्रालय ने इसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया। यानी मई 2027 तक आयोग को अपनी सिफारिशों की रिपोर्ट सौंपनी है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 10 अगस्त को लोकसभा में बताया कि अब तक आयोग ने रिपोर्ट नहीं दी है।
दरअसल, आयोग स्टेकहोल्डर्स यानी केंद्रीय कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी, पेंशनर्स और रिटायर्ड कर्मचारियों के यूनियनों से उनके सुझाव और डिमांड लेता है। इस बार आयोग ने 16 मार्च 2026 तक सुझाव मांगे थे। इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करता है।
पिछले ट्रेंड्स के मुताबिक, आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद सरकार सिफारिशों की जांच करने और फिर सिफारिशें लागू करने में करीब 6 महीने का वक्त ले लेती है।
7वें वेतन आयोग के गठन के बाद इसे लागू होने में करीब 2 साल लगे थे। 28 फरवरी 2014 को न्यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर की अध्यक्षता में 7वां वेतन आयोग बना और मार्च 2014 तक टर्म्स ऑफ रेफरेंस तय हुए। 19 नवंबर 2015 को इसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसे करीब 6 महीने बाद जून 2016 में सरकार ने अप्रूव किया, जबकि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से ही प्रभावी मानी गईं।
इस हिसाब से 8वां वेतन आयोग 2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत में लागू हो सकता है।
सवाल-2: 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की क्या मांगें हैं? जवाब: अप्रैल में सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी यूनियनों ने आयोग को एक प्रस्ताव दिया था। इसमें 7 मुख्य मांगें की गईं..
- मिनिमम बेसिक सैलरी: 69,000
- फिटमेंट फैक्टर: 3.83
- सालाना सैलरी बढ़ोत्तरी: 6%
- HRA मिनिमम स्लैब: 30%
- पेंशन: आखिरी सैलरी की 67%
- फैमिली पेंशन: 50%
- पुरानी पेशन स्कीम (OPS) की बहाली
कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि 2016 से महंगाई ने असली कमाई को बहुत कम कर दिया है। घर, पढ़ाई, मेडिकल खर्च बढ़ गए हैं। इसलिए सैलरी मौजूदा लिविंग स्टैंडर्ड के हिसाब से होनी चाहिए न कि 2016 के मानकों के हिसाब से।
फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने की मांग सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली मुख्य संस्था नेशनल काउंसिल- जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी यानी NC-JCM ने की है। इसी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी को 69,000 करने की मांग की जा रही है।
अब वेतन आयोग इन्हीं मांगों के आधार पर केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें देगा, जिसके बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी।
सवाल-3: 8वां वेतन आयोग लागू होने से सैलरी कितनी बढ़ सकती है? जवाब: सैलरी कितनी बढ़ेगी, ये फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता यानी DA पर निर्भर करता है…
फिटमेंट फैक्टर
- इस मल्टीप्लायर नंबर से मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकालते हैं। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है।
- 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। इसके 3.83 तक बढ़ने की संभावना कम है। इसके 2.28 से 2.86 तक रहने का अनुमान है। कुछ रिपोर्ट्स में 2.46 रहने की बात है, हालांकि अंतिम फैसला सरकार लेगी।
डियरनेस अलाउंस, DA
- हर वेतन आयोग में DA जीरो से शुरू होता है। क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर बढ़ाई जाती है। पुराना DA पुरानी सैलरी में मर्ज हो जाता है और इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ता है।
हाउसिंग रेंट अलाउंस, HRA
- 7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, अगर DA बेसिक पे के 25% से ज्यादा होता है, तो मेट्रो शहरों में HRA बेसिक पे का 27% होता है।
अभी DA बेसिक पे का 60% है। DA के हटने से टोटल सैलरी यानी बेसिक + DA + HRA में बढ़ोतरी थोड़ी कम दिख सकती है, क्योंकि 60% DA का हिस्सा हट जाएगा।

सवाल-4: बढ़ी हुई सैलरी कब से मिलने लगेगी? जवाब: कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रतीक वैद्य कहते हैं कि 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी से सैलरी रिवाइज करने का काम सौंपा गया है। हालांकि इफेक्टिव डेट और पहली बढ़ी हुई सैलरी आने के बीच कई महीने का फर्क होता है। 7वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2016 में लागू किया गया था, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी जून 2016 में मिली और सैलरी उसके बाद के महीनों में आनी शुरू हुई। वैद्य कहते हैं, ‘कर्मचारियों को 2026-27 के करोबारी साल से भत्ते जोड़कर बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। हालांकि भत्ते जनवरी 2026 से ही जोड़े जाएंगे।’
सवाल-5: नई सैलरी के साथ DA, HRA जैसे भत्ते और नया एरियर कितना मिलेगा? जवाब: अलग-अलग जानते हैं…
1. एरियर
- अगर बढ़ी हुई बेसिक सैलरी जनवरी 2028 से मिलना शुरू हो, तो भी सैलरी में बढ़ोत्तरी 8वें वेतन आयोग लागू होने की इफेक्टिव डेट यानी 1 जनवरी 2026 से ही जोड़ी जाएगी।
- यानी 18 से 24 महीनों की बकाया सैलरी एरियर के बतौर अलग से मिलेगी।
- मान लीजिए लेवल 1 के कर्मचारी की बेसिक सैलरी में 10 हजार रुपए बढ़े, तो 2026 से 2028 तक के 24 महीने का 2.4 लाख रुपए एरियर मिलेगा।
2. DA
- इन 24 महीनों में DA बेसिक पे के पुराने परसेंटेज यानी 60% के ही हिसाब से जोड़ा जाएगा और जैसे अभी तक हर महीने की सैलरी में जुड़कर सामान्य तौर पर मिलता आया है, उसी तरह मिलता रहेगा।
- इस बीच इसमें हर 6 महीने में अनुमानित 3-4% तक बढ़ोत्तरी भी होती रहेगी, लेकिन DA का एरियर अलग से नहीं दिया जाता, क्योंकि DA को पुरानी बेसिक सैलरी में मर्ज करके ही नई बेसिक सैलरी बनती है। इस सैलरी का अंतर आपको एरियर में मिल ही चुका है।
- जनवरी 2028 में बढ़ी हुई सैलरी के साथ जो DA मिलना शुरू होगा, वो नई बढ़ी हुई बेसिक सैलरी पर मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने DA में 2% की बढ़ोत्तरी को मंजूरी दी है।
HRA
- HRA भी तब से ही लागू होगा, जब नई बढ़ी हुई सैलरी मिलने लगेगी। HRA पर भी कोई एरियर नहीं दिया जाएगा।
वेतन आयोग कई और बदलावों की सिफारिश भी करता है, जैसे- ट्रांसपोर्ट अलाउंस यानी TA, पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR), ग्रेच्युटी की लिमिट, चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस (CEA), लीव ट्रैवल कन्सेशन (LTC), मेडिकल बेनिफिट्स, रिस्क/हार्डशिप अलाउंस और पे-मैट्रिक्स वगैरह। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही इनमें बदलाव की तस्वीर साफ होगी।
सवाल-6: नए वेतन आयोग से पेंशनर्स को कितना फायदा? जवाब: 1 अप्रैल 2025 से लागू हुई यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS के तहत पूरी पेंशन उन्हें मिलेगी, जिनकी नौकरी के 25 साल पूरे हो जाएंगे। इसमें आखिरी 12 महीनों की बेसिक सैलरी के औसत की 50% राशि और महंगाई राहत यानी DR होगा। UPS में वो कर्मचारी शामिल हैं, जो 2004 में न्यू पेंशन स्कीम यानी NPS लागू होने के बाद से सर्विस में हैं।
- इस हिसाब से UPS के तहत पूरी 50% पेंशन उन्हीं को मिलेगी, जो कम से कम 2029 तक नौकरी में रहेंगे। 2004 से जोड़ें, तो नौकरी में 25 साल पूरे करने वाले कर्मचारियों का पहला बैच 2029 में रिटायर होगा।
- 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद लेवल-1 के एक कर्मचारी की बेसिक सैलरी 34,560 रुपए हो, तो इसका 50% रकम, यानी 17,280 रुपए+DR उसे पेंशन के तौर पर मिलेगा।
- हालांकि यह रेयर केस में ही होगा कि कोई कर्मचारी रिटायरमेंट तक उसी लेवल पर रहे। प्रमोशन और अन्य नियमों के हिसाब से लेवल बढ़ता रहता है। इसलिए कर्मचारी को कहीं ज्यादा पैसा पेंशन में मिलेगा।
- वहीं, लेवल-18 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 4.80 लाख रुपए होगी। इसका 50% कुल 2.40 लाख रुपए+DR की रकम पेंशन के तौर पर मिलेगी।
कर्मचारियों ने OPS बहाली की मांग की है, साथ ही DA और DR में हर 3 महीने में संशोधन करने और DR के 25% से ज्यादा हो जाने पर इन्हें मूल पेंशन में जोड़ने की मांग रखी है। अभी DA/DR में साल में दो बार संशोधित होता है।

भारत में करीब 70 लाख पेंशनर्स है, जिन्हें केंद्र सरकार से पेंशन मिलती है।
सवाल-7: इससे कितने लोगों को फायदा, राज्यों के कर्मचारियों के लिए आयोग कब बनेगा? जवाब: नए वेतन आयोग के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, रक्षा कर्मी, रेलवे स्टाफ, केंद्रीय संस्थानों के शिक्षक, 100% सरकारी मलिकाना हक वाले PSU के कर्मचारी और पेंशनर्स को फायदा मिलता है। यानी केंद्र सरकार के करीब 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी और करीब 70 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। वहीं राज्य सरकार के कर्मचारी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारी, RBI और अन्य नियामक संस्थाओं के कर्मचारी और बैंक पेंशनर्स को इसका फायदा नहीं मिलता। सैलरी रिवीजन करना राज्य सूची का विषय है, इसलिए राज्य केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। राज्य अपने वेतन आयोग अलग से बनाते हैं, लेकिन ज्यादातर राज्य कुछ बदलावों के साथ याकेंद्रीय आयोग की सिफारिशों को ही अपना लेते हैं। —-
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