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Raipur NEET Protest | NSUI Hunger Strike Demands Education Minister Resign


राजधानी रायपुर में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू हुआ आंदोलन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर अलग-अलग छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े युवाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के

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प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने नहीं जा सके। इसलिए रायपुर में रहकर ही सोनम वांगचुक और शिक्षा सुधार की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग

धरने में शामिल छात्रों और युवाओं ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। कई युवाओं को बार-बार परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं, जिससे उनका समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हो रहे हैं।

पहले दिन बारिश के बीच हुआ था प्रदर्शन।

पहले दिन बारिश के बीच हुआ था प्रदर्शन।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की गई।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

धरने में शामिल युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे देश के करोड़ों युवाओं से जुड़े हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।

आदिवासी युवा संगठन के स्टूडेंट भी पहुंचे।

आदिवासी युवा संगठन के स्टूडेंट भी पहुंचे।

पहले दिन 500 से ज्यादा लोग हुए थे शामिल

रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि जुटे थे। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में नारेबाजी की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था।

बड़ी संख्या में शामिल हुए थे यूथ।

बड़ी संख्या में शामिल हुए थे यूथ।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

  • देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त और प्रभावी रोक लगाई जाए।
  • परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
  • शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
  • युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार ठोस पहल करे।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
  • लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों का सम्मान किया जाए।

प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से उनका आंदोलन जारी रहेगा। NSUI के कार्यकर्ताओं ने भी स्पष्ट किया कि उनकी भूख हड़ताल मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।



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