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पलामू में अवकाश नहीं मिलने के कारण गर्भवती शिक्षिका को प्रसव के अंतिम महीने तक रोज करीब 35 किमी का सफर तय कर स्कूल जाना पड़ा। शनिवार को स्कूल में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। मामला लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के राजेगाड़ी जगतपुरवा निवासी शिक्षिका भारती पांडेय का है। वे तरहसी के सिलदीलिया प्लस टू विद्यालय की शिक्षिका हैं। वे वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर चैनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत हैं। स्कूल में ही शुरु हुआ लेबर पेन शनिवार को स्कूल में ही उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद वे छुट्टी के लिए डीईओ कार्यालय पहुंचीं। वहां उनकी हालत और बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने गर्भ में ही बच्चे की मौत की जानकारी दी। उनके पति पुलिसकर्मी मुकेश कुमार तिवारी ने इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संदीप कुमार को जिम्मेदार ठहराया है।
पति ने कहा – छुट्टी के लिए मांगे ₹ 50 हजार शिक्षिका के पति पुलिसकर्मी मुकेश कुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी का अंतिम महीना चल रहा था। इसके बावजूद 3 जुलाई से मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन देने के बाद भी छुट्टी नहीं दी गई। छुट्टी स्वीकृत करने के एवज में डीईओ ने 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। उन्होंने 25 हजार रुपये देने की बात भी कही। फिर भी छुट्टी देने से इनकार कर दिया गया। पांच दिन पहले डीसी ने शिक्षा विभाग को छुट्टी देने का निर्देश दिया। इसके बावजूद डीईओ ने आदेश का पालन नहीं किया। मातृत्व अवकाश नहीं मांगा डीईओ डीईओ संदीप कुमार ने कहा कि शिक्षिका ने जो आवेदन दिया है, उसमें मातृत्व अवकाश का जिक्र नहीं है। आवेदन में चाइल्ड केयर की छुट्टी की मांग की गई थी। यह छुट्टी दो बच्चों के किसी परीक्षा या मेडिकल जरूरत पर मिलती है। आवेदन में गर्भवती होने का जिक्र नहीं है।
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पलामू DEO ने छुट्टी के लिए मांगे ₹ 50 हजार:प्रसव के अंतिम महीने तक आई स्कूल, कैंपस में हुआ लेबर पेन, गर्भ में मरा बच्चा
