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गोवर्धन परिक्रमा के लिए उमड़ी भीड़, ट्रेन-बसें फुल:मथुरा रूट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी, सीट तो दूर खड़े होने की भी जगह नहीं




गुरुपूर्णिमा से पहले गोवर्धन परिक्रमा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं। इसका असर ग्वालियर से मथुरा जाने वाली ट्रेनों और बसों में साफ दिखाई दे रहा है। ट्रेनों में इतनी भीड़ है कि यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही। रिजर्वेशन कोच भी जनरल डिब्बों की तरह नजर आ रहे हैं। कई यात्री दरवाजों पर लटककर सफर कर रहे हैं। कुछ जगहों पर मथुरा में स्टॉपेज नहीं होने पर चेन पुलिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं। एकादशी के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ 29 जुलाई को गुरुपूर्णिमा है। एकादशी के बाद से ही गोवर्धन परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा है। जिस ट्रेन में जगह मिल रही है, लोग उसी में सवार हो रहे हैं। इससे नियमित यात्रियों और आरक्षित टिकट वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्टेशन पर गूंज रहे जयकारे ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर सुबह से श्रद्धालुओं के जत्थे पहुंच रहे हैं। “गिरिराज महाराज की जय” के जयकारों के बीच लोग ट्रेनों में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। भीड़ के कारण कई यात्रियों को घंटों अगली ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है। बसों में भी क्षमता से ज्यादा यात्री रेल में जगह नहीं मिलने पर श्रद्धालु बसों और निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। ग्वालियर से मथुरा जाने वाली बसें क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर रवाना हो रही हैं। कुछ निजी बस संचालक बढ़ी मांग का फायदा उठाकर अधिक किराया भी वसूल रहे हैं। टैक्सी का किराया भी बढ़ा मथुरा-वृंदावन के लिए चलने वाली टैक्सियों का किराया भी बढ़ गया है। पहले जहां 4 से 4.5 हजार रुपए में टैक्सी मिल जाती थी, अब 5 से 5.5 हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं। भीड़ के कारण टैक्सियों को भी गोवर्धन से 5 से 7 किलोमीटर पहले बनी पार्किंग में रोकना पड़ रहा है। परिक्रमा पूरी करने में लग रहा पूरा दिन श्रद्धालुओं का कहना है कि पहले सुबह पहुंचकर दोपहर तक परिक्रमा शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार भारी भीड़ के कारण देर हो रही है। परिक्रमा देर रात तक पूरी हो रही है। ठहरने की सुविधा भी पहले से बुकिंग कराने वालों को ही मिल पा रही है। रेलवे ने बढ़ाई व्यवस्था भीड़ को देखते हुए रेलवे ने गुरुपूर्णिमा और गोवर्धन परिक्रमा मेले के दौरान स्पेशल ट्रेनें चलाने और कुछ ट्रेनों का विस्तार करने का फैसला किया है। श्रद्धालुओं ने बताई परेशानी अशरफी ने बताया कि भारी भीड़ के कारण वह भगवान के दर्शन नहीं कर सकीं। लौटते समय भी उन्हें चार-पांच घंटे खड़े होकर सफर करना पड़ा। रामवीर प्रजापति ने बताया कि मथुरा से ग्वालियर तक पूरे रास्ते एक पैर पर खड़े होकर सफर करना पड़ा। टिकट लेने में भी डेढ़ घंटे लग गए। धनवंती ने कहा कि सभी ट्रेनों में हद से ज्यादा भीड़ है। बड़ी मुश्किल से दर्शन कर वापस लौटी हैं और अब बदरवास जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही हैं।



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