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पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अकला में तीन माह की एक बच्ची रचना गोड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण से मौत की बात को सिरे से खारिज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्ची की मां मीना गौंड के अनुसार, मंगलवार 21 जुलाई को आंगनवाड़ी केंद्र में रचना को दूसरा टीका लगाया गया था। टीकाकरण के बाद से ही बच्ची को तेज बुखार आने लगा और बाद में उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। परिजनों का दावा है कि उन्होंने आशा कार्यकर्ता और एएनएम से संपर्क किया, लेकिन इसे सामान्य प्रक्रिया बताकर टाल दिया गया। परिजनों का आरोप है कि उचित इलाज न मिलने के कारण रविवार 26 जुलाई की सुबह लगभग 5 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया। अन्य बच्चे स्वस्थ दूसरी ओर, एएनएम आरती अहिरवार ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। एएनएम के अनुसार, टीकाकरण नियमानुसार किया गया था और परिजनों को बुखार व सूजन से बचाव की दवा तथा प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि उसी दिन 10-11 अन्य बच्चों का भी टीकाकरण हुआ था, जो सभी स्वस्थ हैं। झोलाछाप डॉक्टर से कराया इलाज एएनएम आरती अहिरवार ने आगे कहा कि बच्ची की मौत टीकाकरण से नहीं हुई है। उनकी जानकारी के अनुसार, उल्टी-दस्त होने पर बच्ची को किसी स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया गया था और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिवार के जुड़वा बच्चों में से एक बच्ची की मौत पहले ही हो चुकी थी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम किया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पन्ना भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पन्ना में 3 माह की बच्ची की मौत:परिजन बोले- टीके से हुई, स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप इलाज को बताया कारण
