राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने तरनतारन का विशेष दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों की समस्याएं व शिकायतें सुनीं, गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक हुए और जिला प्रशासनिक परिसर
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दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियांक कानूनगो ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग देश के प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक और बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तरनतारन दौरे के दौरान जनता द्वारा उनके समक्ष उठाए गए सभी मुद्दों और समस्याओं को आयोग अत्यंत गंभीरता से लेगा और उनके शीघ्र समाधान के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की सुरक्षा आयोग की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
सीमावर्ती गांवों का दौरा कर सुनीं शिकायतें, गुरुद्वारा साहिब में टेका माथा
श्री कानूनगो ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे—खालड़ा, भिखीविंड, मेहंदीपुर और तरनतारन का दौरा किया और स्थानीय लोगों की शिकायतों तथा मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य से प्राप्त सभी शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से निपटारा किया जाए।अपने दौरे के दौरान उन्होंने पहुविंड स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा जन्म स्थान शहीद बाबा दीप सिंह जी में भी माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया।

केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा
इसके उपरांत जिला प्रशासनिक परिसर (DAC) में आयोजित समीक्षा बैठक में NHRC सदस्य ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की इसमें कल्याणकारी योजनाएं पी.एम. विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना पर गहन चर्चा हुई।
इसके साथ ही बाल व महिला सुरक्षा, पॉक्सो (POCSO) मामलों की स्थिति, मिशन वात्सल्य, सुरक्षित स्कूल वाहन योजना, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान। के साथ सामाजिक सुरक्षा व शिक्षा को लेकर दिव्यांग कुशल योजना, शिक्षा विभाग की पहलें तथा अन्य सामाजिक कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा की गई।
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे लाभ’
प्रियांक कानूनगो ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी और बाधा के पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र लाभार्थी तक पहुँचना चाहिए। किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के नाम पर परेशान न किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) डॉ. आदित्य शर्मा, SDM तरनतारन डॉ. करणवीर सिंह, SDM खडूर साहिब संजीव शर्मा, SDM पट्टी अमनदीप, SDM भिखीविंड जगदीप सिंह, SP सुखनिंदर सिंह, DDPO देविंदर सिंह, सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन सहित जिला प्रशासन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
