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पूर्णिया में 'छात्रों की गूंज' मैराथन कार्यक्रम:10 हजार धावकों ने दिखाया दम; स्टेडियम पहुंचते ही भीड़ बेकाबू हो गई, अब लाइव विजुअल से चुने जाएंगे विजेता




पूर्णिया में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ मैराथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी स्टेडियम में समापन के दौरान भीड़ बेकाबू होने के कारण हंगामे की स्थिति बन गई। अव्यवस्था और सुरक्षा कारणों को देखते हुए मैराथन समिति को मौके पर ही परिणाम स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि दौड़ के लाइव विजुअल और वीडियो रिकॉर्डिंग की गहन जांच की जाएगी। इसके बाद ही शीर्ष 25 विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी। 10 हजार से अधिक धावकों ने दिखाया दम इस भव्य मैराथन में 10 हजार से अधिक युवाओं और छात्रों ने हिस्सा लिया। दौड़ में केवल पूर्णिया ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल, मधेपुरा और सहरसा से भी बड़ी संख्या में धावक भाग लेने पहुंचे थे। सुबह से ही युवाओं का उत्साह चरम पर था। ततमा टोली से स्टेडियम तक: 7 किलोमीटर का तय हुआ सफर 7 किलोमीटर लंबी यह मैराथन दौड़ ततमा टोली ठाकुर बाड़ी मैदान से हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई। इसके बाद धावकों का कारवां रजनी चौक, लाइन बाजार, पंचमुखी मंदिर चौक, फोर्ड कम्पनी चौक, आस्था मंदिर, आर. एन. शाह चौक, समाहरणालय (कलेक्ट्रेट), नगर निगम चौक, कला भवन रोड, थाना चौक और गिरजा चौक से गुजरते हुए इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने धावकों का उत्साहवर्धन किया। स्टेडियम पहुंचते ही बेकाबू हुई भीड़, निर्णय लेने में आई दिक्कत जैसे ही हजारों धावकों का जत्था और दर्शक एक साथ इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचे, वहां अचानक स्थिति अनियंत्रित हो गई। भीड़ इतनी उग्र और भीड़भाड़ वाली हो गई कि आयोजकों के लिए व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। हालांकि फिनिशिंग लाइन पर कुछ शुरुआती विजेता सामने आ चुके थे, लेकिन उग्र भीड़ और अफरा-तफरी के कारण बाकी धावकों की सटीक पहचान कर पाना असंभव हो गया। परिणाम की पारदर्शिता और सटीक निर्णय लेने में आ रही भारी परेशानी को देखते हुए निर्णायक बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से मौके पर रिजल्ट की घोषणा को स्थगित करने का निर्णय लिया। प्रशासन और पप्पू यादव ने संभाला मोर्चा हंगामे और अनियंत्रित हालात को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर एसडीएम तुषार कुमार ने तुरंत मोर्चा संभाला और मंच से उग्र भीड़ को संबोधित करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं, सांसद पप्पू यादव भी लगातार माइक से धावकों और युवाओं से धैर्य रखने की भावुक अपील करते नजर आए। रिजल्ट की तत्काल मांग को लेकर छात्र स्टेडियम में हंगामा करते रहे। हालांकि, प्रशासन और आयोजकों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी छात्रों को समझा-बुझाकर और शांत कराकर स्टेडियम से सुरक्षित घर वापस भेजा गया। अब लाइव तस्वीरों और वीडियो विजुअल से तय होंगे विजेता आयोजकों और निर्णायक मंडल ने घोषणा की है कि किसी भी धावक के साथ अन्याय न हो, इसके लिए पूरे रूट और फिनिशिंग पॉइंट के लाइव विजुअल्स और वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वीडियो साक्ष्यों के आधार पर ही टॉप 25 धावकों की पारदर्शी तरीके से पहचान की जाएगी और उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित किया जाएगा। आकर्षक पुरस्कारों पर टिकी हैं निगाहें इस मैराथन प्रतियोगिता के विजेताओं को बुलेट बाइक, स्कूटी, साइकिल और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इनमें पहले स्थान आने वाले विजेता को बुलेट बाइक दिया जाएगा, जबकि दूसरे से चौथे स्थान तक के विजेताओं के लिए 3 स्कूटी दिया जाएगा। पांचवें से नौवें स्थान तक आने वाले धावकों को 11-11 हजार का नगद पुरस्कार दिया जाना है । इसके अलावा 10वें से लेकर टॉप 25 स्थान तक आने वाले धावकों के लिए साइकिल और अन्य पुरस्कार दिए जाने हैं। आयोजकों का कहना है कि बहुत जल्द पूरी पारदर्शिता के साथ रिजल्ट की आधिकारिक लिस्ट जारी कर दी जाएगी। जो विजुअल और लाइव तस्वीरों के आधार पर तय होंगे।



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