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बिहारशरीफ में अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों के ठेलों पर बुलडोजर चलाने वाले उप नगर आयुक्त शम्स रजा और सिटी मैनेजर साकेश कुमार का ‘स्मार्ट’ और दोहरा रवैया अब शहर की सफाई व्यवस्था में भी खुलकर सामने आ रहा है। 78 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बने बिहारशरीफ के पहले फ्लाईओवर का मेंटेनेंस पूरी तरह से शून्य हो चुका है। नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब हादसों का केंद्र और कूड़ाघर बनता जा रहा है। खबर छपने पर जागता है निगम, हुक्मरानों ने मूंदी आंखें नगर निगम की कार्यशैली पूरी तरह से ‘इवेंट बेस्ड’ और दिखावटी हो चुकी है। जब मीडिया में फ्लाईओवर की बदहाली और खतरों की खबरें प्रमुखता से छपती हैं, तब जाकर निगम की कुंभकर्णी नींद टूटती है। दिखावे की सफाई के बाद अधिकारी फिर से लंबे समय के लिए सो जाते हैं। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि शहर के तमाम आला अधिकारियों और हुक्मरानों की गाड़ियां हर दिन इसी गंदगी से पटे फ्लाईओवर से होकर गुजरती है, लेकिन किसी को भी यह बदहाली दिखाई नहीं देती। अवैध बालू और कचरे से हादसों को खुला न्योता बिना किसी नियम-कानून और रोकटोक के शहर में सरपट दौड़ रहे ट्रैक्टरों द्वारा धड़ल्ले से बालू की ढुलाई की जा रही है। इन ओवरलोडेड वाहनों से फ्लाईओवर पर लगातार रेत (बालू) गिर रही है। यह बिखरी हुई रेत दोपहिया वाहनों के फिसलने और गंभीर सड़क हादसों का मुख्य कारण बन रही है। इसके साथ ही, फ्लाईओवर के दोनों किनारों पर ईंट के टुकड़े, प्लास्टिक की खाली बोतलें और भारी मात्रा में अन्य कचरा जमा हो गया है, जिसे हटाने की जहमत निगम नहीं उठा रहा है। जाम नालियां और जलजमाव, फ्लाईओवर के भविष्य पर संकट बरसात के इस मौसम में फ्लाईओवर के सुरक्षित रहने पर ही गहरा संकट मंडराने लगा है। बालू के ढेरों और प्लास्टिक कचरे की वजह से फ्लाईओवर की जल निकासी प्रणाली पूरी तरह से चोक हो चुकी है। नतीजा यह है कि थोड़ी सी बारिश होने पर ही फ्लाईओवर पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। करोड़ों की लागत से बने इस सीमेंट-कंक्रीट के स्ट्रक्चर पर पानी का लगातार जमा होना इसके भविष्य और मजबूती के लिए सीधा खतरा है। ‘एक बार भी सफाई नहीं हुई है’ स्थानीय निवासी सह समाजसेवी ऋषु कुमार ने बताया कि फ्लाईओवर बहुत अच्छे तरीके से बनाया गया था, लेकिन इसकी एक बार भी सफाई नहीं हुई है। अक्सर देखा जाता है कि गंदगी और फिसलन की वजह से बाइक सवार यहां फिसल कर गिर जाते हैं। कई बार तो ऐसी स्थिति बन जाती है कि बाइक सवार पुल से नीचे गिर सकते हैं। एक बड़ी अनहोनी का खतरा हमेशा मंडराता रहता है। नगर निगम को इस गंभीर समस्या की ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए, इससे पहले कि कोई बड़ी जानलेवा घटना घट जाए।
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बिहारशरीफ- 78 करोड़ के फ्लाईओवर पर सफर जानलेवा:जलजमाव और कचरे का ढेर, साफ-सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी; हादसे का भी खतरा
