![]()
फरीदाबाद शहर की सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशु लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। मंगलवार को स्कूटी सवार कारोबारी आशु खत्री की सड़क पर घूम रही गाय से टक्कर हो गई। हादसे में कारोबारी की मौत हो गई। इसके बाद एक बार फिर सड़कों पर घूमने वाले कैटल को लेकर नगर निगम की कार्रवाई और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले करीब दो साल में कैटल की वजह से हुए सड़क हादसों में 15 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं, जबकि करीब पांच लोगों की जान जा चुकी है। सड़कों पर अचानक सामने आने वाले गाय और अन्य पशुओं के कारण दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा हादसों का शिकार हो रहे हैं। 10 हजार से ज्यादा पशु सड़क पर घूम रहे नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार शहर में दस हजार से अधिक लावारिस पशु खुले में घूम रहे हैं। इन्हें पकड़ने के लिए विभाग के पास करीब 9 बड़ी गाड़ियां और 20 कर्मियों का स्टाफ है। रोजाना पांच से सात पशुओं को अलग-अलग इलाकों से पकड़ा जाता है। कई बार पकड़े गए पशु लोगों द्वारा फिर से खुले में छोड़ दिए जाते हैं या वापस सड़कों पर आ जाते हैं। पांच हजार लावारिस पशुओं को पकड़ा दावा है कि कि वर्ष 2024 से वर्ष 2026 के बीच करीब पांच हजार लावारिस पशुओं को पकड़कर विभिन्न गौशालाओं में छोड़ा गया। इनमें सबसे ज्यादा 2044 पशु श्री गोपाल गौशाला में, 1739 गौ रक्षा सदन मवई में और 578 गौ मानव सेवा ट्रस्ट में रखे गए हैं। इसके अलावा देवाश्रय एनिमल हॉस्पिटल में 52, छांयसा गौशाला में 43 और नवादा गौशाला में 319 पशु भेजे गए। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर पशुओं की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती ही नजर आ रही है। पहले भी हो चुके हैं कई हादसे 12 अगस्त 2026: स्कूटी सवार कारोबारी आशु खत्री की सड़क पर बैठी गाय से टक्कर हुई, मौत। 6 अगस्त 2026: सेक्टर-18 ओल्ड रोड पर सड़क पर बैठी गायों से ट्रक टकराया। 24 अप्रैल 2026: बाजार जा रही महिला और उनकी दो बेटियां लावारिस पशुओं की चपेट में आकर घायल हुईं। 5 अगस्त 2025: गुरुग्राम मार्ग पर लावारिस पशु की चपेट में आकर इंजीनियर घायल। 6 अगस्त 2025: दयालबाग में लावारिस पशु से बचकर निकल रही महिला को कार ने टक्कर मारी। 2 अगस्त 2024: भारत कॉलोनी में सांड की टक्कर से प्रॉपर्टी डीलर की मौत। 7 अप्रैल 2024: सेक्टर-3 में लावारिस पशु की चपेट में आने से मां-बेटा घायल। 5 अप्रैल 2024: सेक्टर-3 में लावारिस पशु की चपेट में आने से बुजुर्ग घायल। 1 नवंबर 2021: खेड़ी गांव में लावारिस पशु की चपेट में आने से बुजुर्ग महिला की मौत। 13 अगस्त 2017: फरीदपुर-खेड़ी कलां रोड पर लावारिस पशु की चपेट में आने से युवक की मौत। 13 अगस्त 2017: फरीदाबाद-गुरुग्राम मार्ग पर सांड की टक्कर से युवक की मौत। 20 मई 2017: बड़खल में सांड की टक्कर से सैनिक कॉलोनी निवासी महिला की मौत। क्या बोले निगम अधिकारी नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी (एमओएच) नीतीश परवाल ने बताया कि नगर निगम कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण बेसहारा पशुओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में परेशानी आ रही है। अधिकारी ने कहा, “एमसीएफ कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है, जिसके कारण इन मामलों में हम ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। पहले हमारे पास बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए केवल दो वाहन थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इससे फरीदाबाद के ज्यादा इलाकों में पहुंचकर बेसहारा पशुओं को प्रभावी तरीके से पकड़ने में मदद मिलेगी।” किसी पशु पालक के खिलाफ एफआईआर नही अधिकारी ने बताया कि एमसीएफ ने कुछ महीने पहले सड़कों पर पशु छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान भी किया था। निगम ने कहा था कि दूध निकालने के बाद पशुओं को सार्वजनिक सड़कों पर खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ केवल जुर्माना नहीं लगाया जाएगा, बल्कि एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक घोषणा के बावजूद अब तक ऐसे किसी पशुपालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
Source link
फरीदाबाद में सड़कों पर लावारिस पशु बन रहे जानलेवा:2 साल में 15 लोग घायल, 6 मौत हुई, अधिकारी बोले- हड़ताल के चलते काम रूका
