Headlines

सुखबीर बादल पर हमले पर नारायण सिंह चौड़ा का बयान:कहा- नांदेड़ के हमलावर को नहीं जानता; बादल के पुराने कृत्यों के लिए कोई माफी नहीं है




शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर श्री नांदेड़ साहिब में हुए हमले के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना को लेकर सियासी गलियारों से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सुखबीर बादल पर दूसरा बड़ा हमला करार दिया है। “क्या पुराने हमले से जुड़े हैं तार?” — मजीठिया ने उठाए सवाल पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इससे पहले वर्ष 2024 में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर) में भी सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने अंदेशा जताया कि इन दोनों घटनाओं के तार आपस में जुड़े हो सकते हैं। मजीठिया ने मांग की है कि श्री नांदेड़ साहिब की घटना बेहद गंभीर है। पंजाब और देश के सिखों की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हम मांग करते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
2024 के हमलावर नारायण सिंह चौड़ा का बयान आया सामने इस बीच, 2024 में अमृतसर में सुखबीर बादल पर गोली चलाने वाले डेरा बाबा नानक के नारायण सिंह चौड़ा (जो वर्तमान में जमानत पर बाहर है) का भी इस नए हमले पर बड़ा बयान सामने आया है। चौड़ा ने स्पष्ट किया कि वह श्री नांदेड़ साहिब में हमला करने वाले व्यक्ति को नहीं जानता और उसने भी उसकी तस्वीर केवल टीवी चैनलों पर ही देखी है। हालांकि, नारायण सिंह चौड़ा ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि सुखबीर सिंह बादल के पुराने कृत्यों के लिए कौम (सिख समुदाय) में कोई माफी नहीं है। उनके फैसलों से सिख समुदाय की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। यही वजह है कि सिख गुस्से और रोष में आकर उन पर इस तरह के हमले कर रहे हैं।” जमानत पर चौड़ा ने दी सफाई, बादल पर उठाए सवाल अपनी जमानत को लेकर चल रही चर्चाओं पर चौड़ा ने स्पष्ट किया कि इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उसने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल खुद पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाने नहीं गए, जिसके चलते अदालत ने उन्हें जमानत का लाभ दिया। चौड़ा ने सवाल उठाया कि जब पुलिस बार-बार बयान दर्ज करने के लिए चक्कर काट रही थी, तो अकाली दल के अध्यक्ष जांच से पीछे क्यों हटे? चौड़ा ने 2024 की घटना का जिक्र करते हुए यह भी दावा किया कि पुलिस चालान के मुताबिक वह आपसी खींचातानी का मामला था। उसने कहा कि यह अभी भी जांच का विषय है कि गोली उसके हाथ से चली थी या उसे पकड़ने और खींचने वालों के हाथ से। फिलहाल, इस ताज़ा हमले के बाद अकाली दल जहां सुखबीर बादल की सुरक्षा और बड़ी साजिश की आशंका जता रहा है, वहीं विरोधियों के बयानों ने इस राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *