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पहली बार प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन से फेंके 80 से ज्यादा आंसू गैस के गोले, 21 गिरफ्तार




विनीत राणा | चंडीगढ़ हिंसक स्थितियों, विरोध प्रदर्शनों और पत्थरबाजी से जवानों को सुरक्षित रखने के चंडीगढ़ पुलिस ने पहली बार ‘एंटी-रॉयट फुल बॉडी प्रोटेक्टर सूट’ (एंटी-रॉयट गियर) बेड़े में शामिल किए गए हैं। शनिवार को प्रदर्शन के दौरान करीब 50 पुलिसकर्मियों को 10-10 किलो वजन वाले विशेष स्टील बॉडी आर्मर (सुरक्षा कवच) पहनाकर आगे तैनात किया गया। ऐसी करीब 800 किटें खरीदी हैं, जिसे अंजलि किट का नाम दिया गया है। सुरक्षा: पुलिस को दिए हाईटेक एंटी-रॉयट सूट एंबुलेंस में मरीज बनकर आए सिमरनजीत मान हिरासत में… ​प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की। सिर पर पट्टी बांधकर एंबुलेंस में बैठकर गवर्नर हाउस के पास लगी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। एंबुलेंस से उतरकर जैसे ही वे पैदल आगे बढ़ने लगे तो मौके पर तैनात पुलिस ने उन्हें व उनके साथियों को हिरासत में ले लिया।बंदी सिखों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारी शनिवार को गवर्नर हाउस का घेराव करने के लिए इकट्‌ठा हुए। मोहाली के वाईपीएस चौक और चंडीगढ़ बॉर्डर पर करीब 5 हजार प्रदर्शनकारी इकट्‌ठा हुए। ट्रैक्टरों से पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति को संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने वॉटर कैनन की बौछारें की, आंसू गैस के गोले दागे। करीब एक घंटे तक चले टकराव और पथराव के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को मजबूर हो गए। मौके पर पुलिस के बड़े अफसर मौजूद रहे। चंडीगढ़ पुलिस के इतिहास में पहली बार प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन से आंसू गैस के गोले बरसाए गए। 80 से अधिक आंसू गैस के गोले फेंके गए। वॉटर कैनन में ऐसा केमिकल मिक्स किया हुआ था कि जैसे ही प्रदर्शनकारियों पर बौछारें पड़ी, उन्हें खुजली और जलन होने लगी। वे इधर-उधर भागने लगे। प्रदर्शनकारियों को वहीं से पीछे खदेड़ दिया गया। प्रदर्शन के मामले में सेक्टर-36 पुलिस स्टेशन में एक सीक्रेट एफआईआर दर्ज की गई है। करीब 6 नेताओं पर बाय नेम केस दर्ज किया गया है। कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ​कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को बलप्रयोग बताते हुए इसके विरोध और मांगों के लिए 21 अगस्त को पूरे पंजाब बंद का एलान किया है। इस बार चंडीगढ़ पुलिस ने किए थे ये इंतजाम… थ्री-लेयर बैरिकेडिंग व सीलिंग: मोहाली और चंडीगढ़ को जोड़ने वाली सभी सीमाओं पर कंटीले तारों के साथ तीन परतों में मजबूत बैरिकेड्स लगाए गए थे। मुख्य सड़कों पर टिपर (डंपर ट्रक) और बड़े वाहन खड़े करके रास्तों को सील किया गया था। ड्रोन से आंसू गैस के गोले: पुलिस ने हाई-टेक ड्रोन से निगरानी रखी। चेतावनी देने के लिए ड्रोन में लाउडस्पीकर लगाए। भीड़ को खदेड़ने के लिए ड्रोन से भी आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया… कुछ उपद्रवियों ने तेजधार हथियारों के साथ बैरिकेड्स तोड़े और पुलिस पर पथराव किया। कई जवान घायल हो गए। पुलिस ने उपद्रवियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।-कंवरदीप कौर, चंडीगढ़ एसएसपी क्या खास है इसमें…​ चेन-मेल/ मेटल-रिफॉर्स्ड आर्मर: चेस्ट गार्ड, बाजुओं पर मेटल रिंग मैश (चेन-मेल) और हाई-इम्पैक्ट प्लास्टिक की लेयरिंग। धारदार हथियार भी बेअसर चेस्ट और बैक प्रोटेक्टर: भारी झटके सहने वाले एबीएस और ईवीए फोम से बने पैड लगे हैं। पथराव और लाठी के प्रहार का असर शरीर तक नहीं पहुंचेगा ​एंटी-रॉयट हेलमेट: हेड गियर में पॉलीकार्बोनेट स्क्रैच-प्रूफ ट्रांसपेरेंट वाइजर और अटैच्ड मेटल नेट है। चेहरे को चोट, एसिड/आग के हमले से बचाता है ​लिम्ब्स एंड शिन गार्ड्स: कुहनी, घुटनों और टांगों की सुरक्षा के लिए आर्म, एल्बो और शिन गार्ड दिए गए हैं। ये फ्लैक्सिबल हैं, ताकि जवान तेजी से मूवमेंट कर सकें। कपड़ा फायर-रिटार्डेंट (आग रोधी) है।



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