21 मिनट पहले
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बारिश के मौसम में इंटरनेट और वाई-फाई से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कभी नेटवर्क स्लो हो जाता है, कभी वीडियो कॉल अटकने लगती है तो कभी OTT पर वीडियो बार-बार बफर होता है। ऐसे में वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लास और डिजिटल पेमेंट जैसे जरूरी काम बाधित होते हैं।
दरअसल भारी बारिश, लगातार नमी, वोल्टेज फ्लक्चुएशन और केबल डैमेज जैसी वजहों से इंटरनेट नेटवर्क और उससे जुड़े उपकरणों में खराबी की संभावना बढ़ जाती है।
कई बार इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के नेटवर्क में खराबी या सर्विस से जुड़ी समस्या के कारण भी कनेक्शन कमजोर हो जाता है। वहीं घर में राउटर की खराब पोजिशनिंग, वायरिंग या तकनीकी खराबी भी स्लो इंटरनेट की वजह बन सकती है।
हालांकि, कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर बारिश के मौसम में इंटरनेट और वाई-फाई की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बारिश में होने वाली वाई-फाई की प्रॉब्लम्स और उसके समाधान पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- बारिश में इंटरनेट और वाई-फाई की प्रॉब्लम्स क्यों बढ़ जाती हैं?
- आंधी-बारिश में बेहतर इंटरनेट सर्विस के लिए क्या करें?
एक्सपर्ट- प्रितेश खाकरे, सिस्टम इंजीनियर, भोपाल
सवाल- बारिश में इंटरनेट और वाई-फाई प्रॉब्लम्स क्यों बढ़ जाती हैं?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- लगातार बारिश और नमी से केबल, कनेक्शन बॉक्स और नेटवर्क उपकरण में खराबी आ सकती है।
- तेज बारिश, जलभराव या पेड़ गिरने जैसी समस्याओं से इंटरनेट केबल और फाइबर लाइन डैमेज हो सकती है।
- बारिश और बिजली गिरने के दौरान वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से राउटर या दूसरे उपकरण खराब हो सकते हैं।
- खराब मौसम में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के नेटवर्क या स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी प्रॉब्लम आ सकती है।
- कई बार राउटर की गलत पोजिशनिंग, खराब वायरिंग के कारण भी वाई-फाई स्लो हो सकता है।
सभी मुख्य कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मानसून में सबसे ज्यादा कौन-सी प्रॉब्लम्स होती हैं?
जवाब- इस दौरान इंटरनेट स्पीड स्लो होना एक कॉमन प्रॉब्लम है। इंटरनेट से जुड़ी सभी समस्याएं ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या बारिश का असर फाइबर इंटरनेट पर भी पड़ता है?
जवाब- हां, इसमें दिक्कत आमतौर पर केबल के कनेक्शन पॉइंट, पावर सप्लाई, जॉइंट या दूसरे नेटवर्क उपकरणों में पानी और नमी पहुंचने से होती है। इसके अलावा तेज बारिश, सड़क खुदाई, जलभराव या पेड़ गिरने से केबल डैमेज होने पर भी इंटरनेट बाधित हो सकता है।
सवाल- बारिश का असर मोबाइल डेटा पर क्यों पड़ता है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- मोबाइल नेटवर्क रेडियो वेव्स पर काम करता है।
- तेज बारिश हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो लिंक को प्रभावित करती है। इससे कनेक्टिविटी पर असर पड़ता है।
- टावर की बिजली सप्लाई या बैकहॉल नेटवर्क में दिक्कत आने से भी मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम हो सकती है।
- टावर से दूरी और नेटवर्क पर ज्यादा ट्रैफिक होने से समस्या बढ़ जाती है।
सवाल- क्या नमी (ह्यूमिडिटी) वाई-फाई राउटर को नुकसान पहुंचा सकती है?
जवाब- हां, लंबे समय तक नमी रहने से राउटर के अंदर कंडेन्सेशन हो सकता है। इससे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में जंग या शॉर्ट सर्किट का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए बारिश में राउटर को सूखी और हवादार जगह पर रखना चाहिए।
सवाल- बारिश में वाई-फाई स्लो हो जाए तो क्या करें?
जवाब- सबसे पहले राउटर को रीस्टार्ट करें और कुछ मिनट बाद इंटरनेट स्पीड चेक करें। अगर समस्या बनी रहे तो सर्विस प्रोवाइडर से शिकायत करें। साथ ही ग्राफिक में दिए ये कदम उठाएं-

सवाल- आंधी-बारिश में बेहतर इंटरनेट सर्विस के लिए क्या करें?
जवाब- बेहतर इंटरनेट सर्विस के लिए सिर्फ अच्छा प्लान लेना काफी नहीं होता। राउटर और नेटवर्क उपकरणों की सही देखभाल भी जरूरी है। बेहतर सर्विस के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का ध्यान रखें-

सवाल- LAN केबल और वाई-फाई में क्या अंतर है। दोनों में से क्या यूज करना बेहतर है?
जवाब- इसे पाॅइंटर्स से समझिए-
LAN (लोकल एरिया नेटवर्क)
- यह ‘वायर्ड कनेक्शन’ है।
- इसका इंटरनेट कनेक्शन आमतौर पर ज्यादा स्थिर, तेज और कम लैग वाला होता है।
- ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो मीटिंग और हैवी फाइल डाउनलोड के लिए बेहतर माना जाता है।
वाई-फाई नेटवर्क
- यह ‘वायरलेस नेटवर्क’ है।
- इसमें बिना तार के कई डिवाइस कनेक्ट हो सकते हैं।
- रोजमर्रा के यूज के लिए ठीक रहता है।
क्या बेहतर?
अगर नेटवर्क में ज्यादा स्थिरता चाहिए तो LAN बेहतर विकल्प है।
सवाल- क्या वोल्टेज फ्लक्चुएशन से इंटरनेट डिवाइस खराब हो सकती है?
जवाब- हां, वोल्टेज फ्लक्चुएशन से राउटर, मोडेम और ONT (ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल) खराब हो सकते हैं। अचानक हाई वोल्टेज आने पर सर्किट जलने का रिस्क रहता है। इसलिए मानसून में सर्ज प्रोटेक्टर और UPS का इस्तेमाल करना सुरक्षित माना जाता है।
सवाल- क्या बिजली चमकने पर या तूफान में वाई-फाई बंद कर देना चाहिए?
जवाब- हां, बिजली गिरने से पावर लाइन या नेटवर्क केबल के जरिए सर्ज आ सकता है। इससे डिवाइस खराब हो सकती है। इासलिए सिर्फ राउटर बंद करने की बजाय उसका पावर प्लग भी निकाल दें।
सवाल- क्या पुराने राउटर मानसून में ज्यादा दिक्कत करते हैं?
जवाब- हां, पुराने हार्डवेयर में हीट मैनेजमेंट कमजोर होता है। ये नए नेटवर्क स्टैंडर्ड को भी सही तरीके से सपोर्ट नहीं कर पाते। अगर राउटर बार-बार हैंग हो रहा हो, गर्म हो रहा हो या डिसकनेक्ट हो रहा हो तो उसे बदल देना चाहिए।

सवाल- मानसून में वाई-फाई राउटर कहां रखना चाहिए?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- सूखी और हवादार जगह पर रखें।
- फर्श से थोड़ी ऊंचाई पर रखें।
- खिड़की या बालकनी के पास न रखें।
- पानी टपकने वाली जगह से दूर रखें।
- माइक्रोवेव और हैवी इलेक्ट्रॉनिक्स से दूर रखें।
- घर के सेंटर में रखें ताकि सिग्नल बराबर फैले।
सवाल- मानसून में राउटर को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें-
- सर्ज प्रोटेक्टर इस्तेमाल करें।
- UPS या मिनी UPS लगाएं।
- वायरिंग को नमी से बचाएं।
- राउटर को कपड़े से ढंककर न रखें।
- लंबे समय तक इस्तेमाल न हो तो प्लग निकाल दें।
सवाल- घर में कौन-सी चीजें वाई-फाई सिग्नल कमजोर करती हैं?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- मोटी दीवारें और मेटल की अलमारी सिग्नल को ब्लॉक करती हैं।
- माइक्रोवेव, ब्लूटूथ डिवाइस और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नेटवर्क में इंटरफेयरेंस पैदा कर सकते हैं।
- बड़े शीशे और पानी की टंकियां भी सिग्नल कमजोर कर सकती हैं।
- इसलिए राउटर को खुली जगह पर रखना ज्यादा बेहतर है।
सवाल- वीडियो कॉल बार-बार अटक रही हो तो क्या करें?
जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखें-
- दूसरे एप्स बंद करें।
- कैमरा क्वालिटी कम करें।
- वाई-फाई के करीब बैठें।
- नेटवर्क बदलकर देखें।
- बैकग्राउंड डाउनलोड रोकें।
सवाल- वाई-फाई बार-बार डिस्कनेक्ट हो तो क्या करें?
जवाब- ऐसे में कुछ कदम उठाएं-
- सबसे पहले राउटर का फर्मवेयर अपडेट करें।
- कई बार पुराने सॉफ्टवेयर की वजह से नेटवर्क अस्थिर हो जाता है।
- राउटर की पोजिशन बदलना और चैनल सेटिंग अपडेट करना भी मदद कर सकता है।
- अगर घर बड़ा है और सिग्नल हर जगह नहीं पहुंचता तो वाई-फाई एक्सटेंडर लगाएं।
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