बदायूं4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

बदायूं में राजकीय पॉलिटेक्निक में 5.47 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से बनने वाले इस केंद्र में छात्रों को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट ऑटोमेशन समेत आधुनिक औद्योगिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सेंटर का भवन 31 मई 2027 से पहले पूरा कर हैंडओवर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के प्रस्ताव और प्रयासों से बदायूं को मिली है।
आधुनिक मशीनों से लैस होगा सेंटर
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। इनमें 3-डी प्रिंटर समेत कई आधुनिक मशीनें शामिल हैं। कुछ मशीनें पॉलिटेक्निक परिसर में पहुंच भी चुकी हैं।
छात्रों को कक्षा में सैद्धांतिक ज्ञान देने के साथ इन मशीनों पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। इससे उन्हें उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तकनीकी कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी।
रोजगार के साथ स्टार्टअप के अवसर
परियोजना का उद्देश्य युवाओं और उद्योगों के बीच कौशल के अंतर को कम करना है। सेंटर से प्रशिक्षण लेने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के साथ स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर भी बढ़ेंगे। आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण लेकर युवा स्थानीय स्तर पर उत्पादन इकाइयां स्थापित कर अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे।
विधायक बोले- युवाओं को जिले में मिलेगा प्रशिक्षण
सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य बदायूं के युवाओं को जिले में ही आधुनिक और रोजगारपरक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। सेंटर युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करने के साथ उन्हें उद्यमी बनने का अवसर भी देगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के संकल्पों तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए परियोजना को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।
31 मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
सेंटर के भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस, जल निगम, शाहजहांपुर द्वारा कराया जा रहा है। परियोजना को 31 मई 2027 से पहले पूरा कर हैंडओवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, सेंटर शुरू होने के बाद बदायूं में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

