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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि आयोग के सामने इस समय करीब 7 हजार शिकायतें लंबित हैं। इन शिकायतों को कानून के अनुसार जल्द से जल्द निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। ग्रेवाल ने बुधवार को सेक्टर-6 स्थित यूटी स्टेट गेस्ट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर अल्पसंख्यक समुदायों की समस्याओं को समझ रहा है। इसी कड़ी में वह चंडीगढ़ पहुंचे हैं। यहां पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों और प्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं और सुझाव लिए गए। 7 हजार शिकायतों का जल्द होगा निपटारा ग्रेवाल ने बताया कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पास करीब 7 हजार शिकायतें लंबित हैं। आयोग इन मामलों को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों की जांच कानून और आयोग के अधिकार क्षेत्र के अनुसार की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो मामले आयोग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उनमें संबंधित विभागों और अधिकारियों से जानकारी लेकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। आयोग का प्रयास है कि लोगों को अपनी शिकायतों के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ की समस्याएं जानीं ग्रेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ आने का उनका उद्देश्य पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों की समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि समुदायों से सीधे बातचीत करने से उनकी वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि आयोग देशभर में अलग-अलग समुदायों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है। इस दौरान सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और प्रशासन से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली जा रही है। अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ने कहा कि देश में हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने की आजादी है। सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आजादी और सभी समुदायों को समान सम्मान देना संविधान की महत्वपूर्ण भावना है। भारत में अलग-अलग धर्मों के लोग अपनी धार्मिक परंपराओं को सम्मान और सुरक्षा के साथ निभा सकते हैं। सिख कैदियों की पैरोल पर बोले सिख कैदियों की पैरोल से जुड़े सवाल पर ग्रेवाल ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून और नियमों के अनुसार फैसला लिया जाता है। जेल, कानून-व्यवस्था और पैरोल से जुड़े मामलों में संबंधित सरकार और विभाग अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी शिकायत आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है तो आयोग उसकी जांच कर उचित समाधान के लिए प्रयास करेगा। ग्रेवाल ने सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्राओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंट साहिब सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड में श्रद्धालुओं से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को बातचीत और संबंधित विभागों के बीच तालमेल से हल किया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक सुरक्षित पहुंचाने और यात्रा के दौरान उचित सुविधाएं देने के लिए प्रशासन को बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। समुदायों से सीधे बात करेगा आयोग ग्रेवाल ने कहा कि आयोग केवल कार्यालय में बैठकर शिकायतों का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि अलग-अलग समुदायों के लोगों से सीधे बातचीत भी करेगा। इससे उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में मदद मिलेगी। आयोग लोगों की शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लेगा। सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक समस्याओं के साथ प्रशासन से जुड़ी शिकायतों को भी आयोग के अधिकार क्षेत्र के अनुसार देखा जाएगा।
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अल्पसंख्यक आयोग में 7 हजार शिकायतें लंबित:चेयरमैन बोले-माइनॉरिटी के अधिकारों की रक्षा करेंगे; समस्याओं का होगा निपटारा
